मेराल। खरौंधी : बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के 64 वाँ परीनिवारण दिवस के अवसर पर रविवार को मेराल के गुरु आश्रम संगवरिया गांव स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर दीप प्रज्वलित एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर पुण्यतिथि मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड बामसेफ के स्टेट कोऑर्डिनेटर रघुराई राम ने किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए श्री रघुराई ने कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने भारत के संविधान के माध्यम से सामाजिक आर्थिक संस्कृतिक गैर बराबरी को मिटाकर समतामूलक समाज व्यवस्था का निर्माण किया जो उनके आदर्शों पर चलकर उनके विचारों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने दबे कुचले शोषित परिवारों के लिए हमेशा उनके हक और अधिकार के लिए लड़ते रहे और उनके बीच रहकर लोगों की अपने अधिकार को समझने के लिए जागरूक किया संविधान निर्माता भारत रत्न विश्व विभूति डॉक्टर अंबेडकर केवल एक जाति वर्ग के नहीं बल्कि पूरे मानव जाति के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने संविधान के माध्यम से सभी को जीने का समान अधिकार दिलाया उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक बुराइयों जैसे छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया। आज उन्हीं की याद में मेराल प्रखंड के कई स्थानों पर बाबा साहब को 64 वें पुण्यतिथि के रूप में याद किए गए और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मौके पर शिक्षक भरदुल राम, संजय राम, मदन राम, उमेश राम, गणेश कुमार, नारद राम, अखिलेश राम, वीरेंद्र कुमार, रोहित कुमार, भारती जी आदि उपस्थित थे।
खरौंधी : प्रखंड मुख्यालय स्थित बाजार के प्रांगण में रविवार को भारत रत्न बाबा साहेब डा भीमराव अंबेडकर की 64 वीं पुण्यतिथि मनाई गई। महापरिनिर्वाण दिवस के रुप में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
प्रखंड के कई स्थानों पर समारोह आयोजित कर लोगों ने बाबा साहेब को याद किया और उनके बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मौकेे पर विधायक प्रतिनिधि उपेंद्र दास ने कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न, विश्व विभूति डा अंबेडकर केवल एक जाति वर्ग के नहीं बल्कि पूरे मानव जाति के लिये प्रेरणा श्रोत हैं। उन्होंने लोगों से उनके बताये मार्ग पर चलने की अपील की।
खरौंधी पंचायत के मुखिया उपेंद्र कुमार राम ने कहा कि बाबा साहेब ने सदैव जाति-पाति से ऊपर उठकर देशहित में निर्णय लिया और सभी को जीने का समान अधिकार दिलाने के लिये संघर्ष करते रहे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक बुराईयों जैसे छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया।
वहीं वे गरीब, दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे।
शिक्षक अमरेश कुमार राम ने कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर आजाद भारत के पहले विधि एवं न्याय मंत्री बने थे। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ही भारतीय संविधान के जनक हैं।
मौके पर बुद्धनाथ गुप्ता, कलामुद्दीन अंसारी, डॉक्टर माही, सुनील रोशन, गुलाबचंद पासवान, नसीहत अली, अमीनुद्दीन अंसारी, सुदामा राम, मुमताज मियाँ, जगदीश यादव सहित कई लोग उपस्थित थे।