गढ़वा : झारखंड सरकार द्वारा सामाजिक दूरी के अनुपालन के लिए यात्रियों से डबल किराया वसूलने का नियम वापस लिए हप्तों गुजर गए, मगर गढ़वा में ऑटो चालाक हों अथवा दूसरे यात्री वाहन यात्रियों से किराया पूर्व की ही भांति डबल वसूल रहे हैं तथा यात्री वाहनों पर ओवरलोडिंग कर यात्रियों को बैठा रहे हैं। मगर आए दिन मोटर यान अधिनियम के विरोध में वाहन जप्त करने वाला परिवहन विभाग हाथ पर हाथ रख कर बैठा हुआ है। जिससे गढ़वा के लोगों को कोरोना के इस आर्थिक मंदी में दोहरे किराया भुगतान कर यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ रहा
है।
विदित हो कि यात्रियों से मनमानी किराया वसूली को देखते हुए झारखंड सरकार ने पिछले दिनों विधिवत नियमावली जारी किया था, जिसमें कोरोना काल से पूर्व की ही भांति किराया वसूली का आदेश दिया गया था।
मगर इस आदेश का अनुपालन अब तक गढ़वा जिले में कराना प्रशासन ने अपनी जिम्मेवारी नहीं समझा है। नतीजा है कि जिला मुख्यालय गढ़वा में ही अधिकारियों के नाक के नीचे जो ऑटो का न्यूनतम किराया 5 रु था उसके बदले अभी भी दुगना 10 रु भले ही यात्री 200 मीटर की दूरी के लिए सफर क्यों न करें वसूला जा रहा है। तात्पर्य कि यात्रियों से कोरोना काल से पूर्व की भांति किराया वसूली न कर सामाजिक दूरी के हिसाब से डबल किराया वसूली का सिलसिला जारी है।
यही स्थिति जिला मुख्यालय गढ़वा से खुलने वाली ग्रामीण क्षेत्रों के कमांडर जीप तथा दूसरे यात्री वाहनों की बस की भी है। क्योंकि यात्री बसों में भी पूर्व की भांति डबल किराए की वसूली गढ़वा जिले में धड़ल्ले से चल रही है और परिवहन विभाग इस पूरे मामले में चुप्पी साधे बैठा हुआ है।
जबकि परिवहन विभाग की ओर से आए दिन जिले में राजस्व वसूली की नियत से बाइक से लेकर वाहन संचालकों से मोटर यान अधिनियम का हवाला देकर हजारों रुपए वसूली का सिलसिला निरंतर जारी है। मगर यात्रियों को करोना काल के इस आर्थिक संकट में दोगुना किराया चुकाना पड़ रहा है, बावजुद ना तो परिवहन विभाग का ध्यान इस है और है और न ही जिला प्रशासन यात्रियों की समस्या को हल करने की ओर ध्यान दे रहा है ऐसे में आए दिन राह चलते यात्रियों एवं ऑटो बस कमांडर संचालकों से तू - तू मैं -मैं किराए को लेकर चल रहा है।