गढ़वा : निदेशक डीआरडीए सह अपर समाहर्ता गढ़वा ओनिल क्लिमेंट ओड़िया ने आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को उनके समक्ष रखते हुए समाधान की गुहार लगाई।
सर्वप्रथम जनता दरबार में ग्राम- ओबरा, पोस्ट- अन्नराज, नावाडीह, गढ़वा के राजेंद्र साव, गोरख पाल, सरिता देवी रामप्यारी पाल समेत अन्य ग्राम वासियों ने संयुक्त रूप से आवेदन देकर पदाधिकारी से गलत तरीके से एक व्यक्ति द्वारा गैरमजरूआ जमीन बिक्री करने को लेकर शिकायत की तथा उस पर रोक लगाने का आग्रह किया। उन्होंने पदाधिकारी से शिकायत करते हुए कहा कि उक्त व्यक्ति के द्वारा गलत तरीके से ग्राम- ओबरा में अवस्थित गैरमजरूआ जमीन के गलत कागजात अपने नाम से बनवा कर दिखाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उस जमीन में रविवार बाजार, श्मशान घाट, छठ घाट तथा नदी आदि है व जमीन पर अन्य पिछड़ा वर्ग घर बनाकर रहते आ रहे हैं तथा जमीन पर खेती-बाड़ी करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह जमीन बिक्री हो गई तो वहां रह रहे पिछड़ा वर्ग के लोग बेघर हो जाएंगे तथा भूखे मरने की कगार पर आ जाएंगे, ऐसे में उन्होंने पदाधिकारी से अनुरोध करते हुए इस समस्या का समाधान करने की बात कही। वहीं अगले फरियादी ग्राम- ढबरीया, प्रखंड- कांडी निवासी उपेंद्र प्रजापति ने कहा कि ग्राम- सोनपुरा, कांडी में अवस्थित मेरे खेत से होते हुए नदी बहती है उसका बांध टूट कर खेत में लगभग 50 डिसमिल में लगे हुए धान की फसल को बर्बाद कर रहा है तथा लगभग 15 डिसमिल जमीन में बालू भर गया है।
ऐसे में उन्होंंने पदाधिकारी से नदी को बंधवाने तथा नुकसान हुई फसल के मुआवजे हेतु अनुरोध किया।
जनता दरबार में अगले फरियादी ग्राम- ढबरीया, प्रखंड- कांडी निवासी सुरेंद्र प्रजापति ने कहा कि मेरा घर अगस्त 2015 में भारी वर्षा के कारण लगभग 99% गिर चुका है। मैंने इसकी सूचना संबंधित अंचल अधिकारी को दी तथा उनके द्वारा अपने स्तर से जांच की गई व जांचोपरांत उनके द्वारा आश्वासन दिया गया कि हमें जल्द ही मुआवजा भुगतान कराया जाएगा तथा आवास के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी कांडी को पत्र भेज दिया गया है। फरियादी ने कहा कि अब तक ना उन्हें मुआवजा प्राप्त हुआ है ना ही आवास का लाभ दिया गया है, ऐसे में उन्होंने जनता दरबार में अपनी समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई।
जनता दरबार में इसके अलावा अन्य मामलों से जुड़े आवेदन भी आये जिन्हें निदेशक डीआरडीए ने संबंधित पदाधिकारियों को अग्रसरित करते हुए जल्द से जल्द उसका निष्पादन करने का निर्देश दिया।