गढ़वा : पंचायत राज विभाग में विगत तीन वर्षों से 14 वें वित्त के तहत लेखा लिपिक व कनीय अभियंता पद पर कार्यरत कर्मी बुधवार से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए। इनके द्वारा समाहरणालय के समक्ष शारीरिक दूरी व नियमों का पालन करते हुए धरना दिया गया। साथ ही सरकार से सभी कर्मियों का सामायोजन 15 वें वित्त में करने, मानदेय में बढ़ोत्तरी करने, भविष्य निधि में राशि जमा कराने, केंद्र के कर्मियों की तरह कोविड 19 के तहत जीवन बीमा कराने आदि की मांग की जा रही है। कर्मियों ने मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। मालूम हो कि पंचायत राज विभाग में विगत तीन वर्ष से 14 वें वित्त के तहत इन कर्मियों की बहाली हुई थी। मगर इनकी संविदा आगामी 30 जून को समाप्त हो रही है।
संविदा समाप्ति को देखने हुए कर्मियों ने सरकार से उनका समायोजन 15 वें वित्त के तहत करने की मांग की है। मगर अभी तक सरकार द्वारा इनका समायोजन नहीं किए जाने से इनके बीच आक्रोश व्याप्त है। धरना पर बैठे कर्मियों का कहना है कि कि हमलोग पूरी ईमानदारी से कार्य करते रहें हैं। हमें कार्य करने का अनुभव है। मगर सरकार हमारा समायोजन 15 वित्त में कर रही है। जिससे हमारे समक्ष रोजगार छिनने का संकट उत्पन्न हो गया है। यदि हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो हमारा यह आंदोलन अनिश्चित काल के लिए चलेगा। धरना पर बैठने वालों में संघ के अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष मुजाहिद हुसैन, सचिव पंकज कुमार राज, सुकेश कुमार, जितेंद्र राम, जीवन दीप कुमार, बलराम पांडेय, सहेला खान, नीतू कुमारी, ज्योत्सना, सलेंद्र सिन्हा, पंकज कुमार, सतीश तिवारी, निशांत तिवारी, तारिक एजाज, बाबर आदि के नाम शामिल हैं।