खरौंधी : प्रखंड के बस पड़ावों तथा आटोरिक्शा पड़ावों से सभी एजेंटों तथा कंडक्टरों के द्वारा मनमानी किराया की वसुली की जा रही है।
विदीत हो कि कोरोना लाकडाऊन के दरम्यान केन्द्र सरकार द्वारा नियम बनाया गया था जिसमें बसों पर दो सीटर पर एक व्यक्ति, मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठने का निर्देश दिया था तथा किरायों में दोगुना की बढ़ोतरी भी की गई थी, परन्तु किसी भी सरकारी दिशा निर्देश का अनुपालन नहीं किया जा रहा था। जिसे मद्देनजर रखते हुए केन्द्र तथा राज्य सरकार के द्वारा तकरीबन पंद्रह दिन पहले पुनः नया दिशा निर्देश दिया गया। जिसमें केन्द्र सरकार तथा झारखण्ड सरकार ने यह तय किया कि कोरोना लाकडाऊन से पहले जो किराया यात्रियों से लिया जाता था वही किराया निर्धारित कराया गया।
लेकिन यात्रियों के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार खरौंधी प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से यात्रा करने वाले यात्रियों ने बताया कि अभी भी दोगुना किराया वसूला जा रहा है।
यात्रियों के अनुसार खरौंधी से गढ़वा का किराया लाकडाऊन से पहले 60 से 70 रुपए था, परन्तु किराया निर्धारित करने के बाद भी 120 से 140 रुपए लिया जा रहा है। आपको बताते चलूं कि लाकडाऊन से पहले खरौंधी से डाल्टेनगंज का किराया 90 से 100 रुपए तक, भवनाथपुर से खरौंधी का किराया 20 से 25 रुपए लिया जाता था। उसी प्रकार किराया निर्धारित करने के बाद भी यात्रियों से क्रमशः खरौंधी से डाल्टेनगंज का किराया 150 से 170 रुपए , भवनाथपुर से खरौंधी 40 से 50 रुपए तक किराया वसूला जा रहा है।
चाहे बड़ी बसें हों या फिर छोटी आटोरिक्शा, अभी भी दोगुना किराया यात्रियों से वसुली की जा रही है।
इससे यह स्पष्ट हो जाती है कि केन्द्र सरकार तथा झारखण्ड राज्य परिवहन विभाग के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।