मेराल : अंतरराष्ट्रीय मृदंग वादक गढ़वा जिला अंतर्गत मेराल थाना के रजो गांव निवासी साकेत बिहारी पांडेय का निधन मंगलवार के अहले सुबह वाराणसी में हो गया। वे 77 वर्ष के थे। साकेत महाराज अयोध्या के प्रसिद्ध गुरु पागल दास जी के शिष्य थे। वे गोरखपुर विश्वविद्यालय में शास्त्रीय संगीत के अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। शास्त्रीय संगीत विशेष कर मृदंग वादन में उन्हें महारत हासिल थी। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को अपने देश के साथ साथ विदेशों में भी स्थापित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने जीवन काल में ऑस्ट्रिया, हॉलेंड, डेनमार्क सहित कई देशों में उन्होंने अपनी कला की छाप छोड़ी। इन देशों में उनके दर्जनों महिला-पुरुष शिष्य हैं, जिन्होंने साकेत महाराज से प्रभावित हो कर शास्त्रीय संगीत को अपना जीवन का आधार बनाया।
उनके कई विदेशी शिष्य हमेशा उनके साथ रेजो आ कर रहा करते थे तथा भारतीय संस्कृति में पूरी तरह रच बस गए थे। विगत कुछ वर्षों से साकेत जी वाराणसी में रह रहे थे तथा वहीं उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में किया जाएगा।
उनके निधन पर वीरेंद्र मिश्रा, हरिद्वार मिश्रा, डॉक्टर लाल मोहन मिश्रा, दीनबंधु पांडेय, उत्तम पांडेय, जुगल किशोर साथी, केवी पांडेय, रामलला पांडेय, गोपाल राम, धर्मराज दुबे, शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष एस एन पाठक, दिलीप पाठक, मनोज पाठक, दिलीप मिश्र, उमाशंकर तिवारी, राम लखन तिवारी, संजय भगत, प्रेम चंद्र प्रसाद, दशरथ प्रसाद आदि लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि साकेत महाराज का निधन परिवार के साथ साथ समाज तथा राष्ट्र की क्षति है।