गढ़वा। भवनाथपुर। श्री बंशीधर नगर। भंडरिया। सगमा। बड़गड। टंडवा। कल्याणपुर/ निमिया स्थान। बिशुनपुरा। कांडी : जिला मुख्यालय गढ़वा समेत पलामू प्रमंडल के विभिन्न इलाकों में कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरू हो गया है। आज श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से विभिन्न मंदिरों, पूजा पंडालों तथा अपने - अपने घरों में भक्ति भाव से कलश का स्थापना किया
गढ़वा : आज मां गढ़देवी मंदिर में दशहरा के पहले दिन कलश स्थापना से शुरुआत हुआ।

पुजारी राजन पंडित जी ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस साल भी पूजा-पाठ होगा लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार के निर्देश का कड़ाई से पालन किया जाएगा। मंदिर में जो भी भक्त लोग आ रहे हैं, सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पूजा पाठ कर रहे हैं।
जो लोग मास्क लगा कर नहीं आ रहे हैं, उन्हें मास्क लगाने के बाद ही मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है। जिनको यह जानकारी नहीं है कि मंदिर में कैसे आना है, उनको मैं नूतन टीवी के माध्यम से बताना चाह कर रहा हूं कि जो भी भक्तगण मंदिर में आएं, मास्क पहनकर ही आएं और सामाजिक दूरी के तहत ही पूजा पाठ करें। इस बार अष्टमी और नवमी 24 अक्टूबर शनिवार को ही पड़ेगा। 25 अक्टूबर रविवार को दशहरा मनाया जाएगा।
भवनाथपुर : प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत सभी ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को कलश स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया। नवरात्र के प्रथम दिन लोगों ने अपने अपने घरों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित कर जगतजननी मां दुर्गा का आह्वान किया।
घरों के साथ-साथ विभिन्न पूजा पंडालों में कलश स्थापित कर नवरात्र पाठ का आयोजन किया गया है। नवरात्र प्रारंभ होते ही पूरा इलाका भक्तिमय हो गया है। लोगों ने कोरोना महामारी से निजात दिलाने के लिये मां जगदंबे से प्रार्थना की।

कुछ लोगों के द्वारा स्वयं नवरात्र पाठ किया जा रहा है, तो कुछ लोग विद्वान आचार्यों से नवरात्र पाठ करा रहे हैं। क्षेत्र के भवनाथपुर स्थित सूर्य मंदिर, भवनाथपुर बस्ती, मकरी, चपरि,सिंघीताली, अरसली उतरी, अरसली दक्षणी, सिंदुरिया पुनर्वास, रेलवे साइडिंग, टाउनशिप दुर्गा मंदिर प्रांगण न्यू सीडी टाइप पूजा पंडालों सहित कई जगहों पर कलश स्थापना के साथ संपुट नवरात्र पाठ का शुभारंभ हुआ।
पूजा पंडाल में कोरोना महामारी के विनाश के लिये "ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते" मंत्र से संपुट नवरात्र पाठ किया जा रहा है।
श्री बंशीधर नगर : अनुमंडल मुख्यालय सहित आस पास के क्षेत्रों में शक्ति की आराध्य देवी माँ दुर्गा की पूजा अर्चना शनिवार को कलश स्थापना के साथ प्रारम्भ हो गया। लोग अपने अपने घरों में व विभिन्न पूजा पंडालों में कलश स्थापित कर मां दुर्गा की पूजा अर्चना प्रारम्भ कर दिया है। कोरोना महामारी को देखते हुए भक्तगण सरकारी निर्देशो को ध्यान में रखते हुए मां दुर्गा की पूजा अर्चना कर रहे है।
इधर पूर्णानगर (भुड़ली तर) स्थित पूर्णेश्वरी दुर्गा मंदिर में कोविड -19 से बचाव के लिए झारखण्ड सरकार के दिशा निर्देश का पालन करते हुए शारदीय नवरात्र का शुभारंभ कलश स्थापना के साथ प्रारम्भ किया गया है।सरस्वती विद्या मंदिर के आचार्य सह पूर्णेश्वरी दुर्गा मंदिर के पुजारी कौशलेंद्र झा ने विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा अर्चना प्रारम्भ कर दिया है।
उन्होंने बताया कि नव दिनों तक चलने वाली इस पूजा में माँ दुर्गा के नौ रूपो की पूजा होगी।
इधर जंगीपुर ग्राम में प्रगति किशोर क्लब, नवयुवक क्लब सहित विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धा व उल्लास के साथ माँ दुर्गा की आराधना किया जा रहा है।
भंडरिया : भंडरिया में शनिवार को दुर्गा पूजा नवरात्र के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई। भंडरिया बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में कलश स्थापित किया गया । कलश यात्रा भंडरिया कपरफुटी घाट से जल उठा कर इंदिरा चौक होते हुए बाजार स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचे। कलश यात्रा में काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दुर्गा पूजा समिति के नेताओं ने कहा कि हर साल की भांति इस वर्ष भी दुर्गा पूजा मनाई जाएगी।
दुर्गा पूजा में सरकार के द्वारा दी गई गार्डलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 दिन तक चलने वाली नवरात्र की रात्रि शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कलश यात्रा में भी सरकार के द्वारा जारी लोक डाउन के गाइड लाइन के अनुसार कलश स्थापित किया गया। लोग दूरी बनाकर मास्क लगाकर पूजा पाठ कर रहे थे।
इस मौके पर पुजारी राजेंद्र पांडेय, मुरारी सिंह, संतोष वर्मा, सुनील कुमार यादव, राजू गोस्वामी, रिशु कुमार केशरी सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।
सगमा : या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। वंदे वाच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम, वृषोरूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनी।
मंत्रोच्चार के बीच प्रखंड मुख्यालय स्थित मवि सगमा, भैया रूद्र प्रताप देव हाई स्कुल, कपूरी चौपाल कटहर कला, उत्क्रमित मध्य विद्यालय शारदा, पुत्तुर, सोनडीहा, बीरबल, घघरी, चैनपुर, दुसैया, सर्वेश्वरी समूह आश्रम मकरी स्थित पूजा पंडाल समेत कई जगहों पर कलश स्थापना के साथ संपुट नवरात्र पाठ का शुभारंभ हुआ। नवरात्र के प्रथम दिन लोगों ने अपने अपने घरों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित कर जगतजननी मां दुर्गा का आह्वान किया। घरों के साथ-साथ विभिन्न पूजा पंडालों में कलश स्थापित कर नवरात्र पाठ का आयोजन किया गया है। नवरात्र प्रारंभ होते ही पूरा इलाका भक्तिमय हो गया है। लोगों ने कोरोना महामारी से निजात दिलाने के लिये मां जगदंबे से प्रार्थना की।
कुछ लोगों के द्वारा स्वयं नवरात्र पाठ किया जा रहा है, तो कुछ लोग विद्वान आचार्यो से नवरात्र पाठ करा रहे हैं। मवि शारदा में पुरोहित सतीश पांडेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही सामाजिक दुरी का पालन करते हुए ही पूजा अर्चना कराया जा रहा है। बता दें कि यहां मां दुर्गा की पूजा, हर साल बड़े ही धूमधाम से होती थी परंतु इस साल कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार पूजा समिति द्वारा सादगी के साथ शारदीय नवरात्र में आने का निर्णय लिया गया है।नवरात्र शुरू होते ही पुरे प्रखंड वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। चारों तरफ मधुर साउंड में बज रहे भक्ति गीत से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
मधुर आवाज में बज रहे भक्ति गीत एवं वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा प्रखंड भक्तिमय है।
बड़गड़ : प्रखंड मुख्यालय सहित इसके आस पास के ग्रामीण इलाकों में शनिवार से शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री के पुजन के साथ ही दशहरा का नवरात्र प्रारंभ हो गया है। श्रद्धालुओं द्वारा प्रखंड के विभिन्न मंदिरों सहित बड़गड़ बाजार स्थित दूर्गा मंडप में कलश स्थापित कर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा प्रारंभ कर दी गई है। बड़गड़ बाजार में नवरात्र प्रारंभ होते ही यहां का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। पूजा को लेकर बड़गड़ पूजा समिति द्वारा मुख्य पथ पर जगह-जगह गेरूआ पताका स्थापित किये गये हैं। पूजा के आयोजन में कोविड-19 को लेकर सरकार के दिशा-निर्देशों का हर संभव पालन पूजा समिति एवं श्रद्धालुओं के द्वारा किया जा रहा है।
टंडवा : गढवा नवरात्रि पूजा को ले टंडवा भगलपुर मोहल्ला स्थित जय मां शेरावाली संघ के सभी सदस्य एवं अधिकारीगण व स्थानीय श्रद्धालुओं के द्वारा शनिवार को दुर्गा पूजा नवरात्र के पहले दिन पर कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा भगलपुर मुहल्ला से होते हुए टंडवा देवी धाम भ्रमन कर दानरो व बिरहा नदी के संगम पर पहुंच पुरे विधि विधान के तहत पूजा अर्चना कर संगम से क्लास में जल भरकर भागलपुर मोहल्ला स्थित जय मां शेरावाली पंडाल में पहुंच कलश स्थापित किए कलश यात्रा में काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। साथ ही करोना काल कोविड-19 को ले सरकार की गाइडलाइन को भी संघ के द्वारा ध्यान में रखते हुए सभी श्रद्धालुओं को मास्क देकर एक दूसरे से दूरियां बनाकर चलने की सलाह दी गई जय मां शेरावाली पूजा समिति के सदस्यों ने कहा कि हर साल की भांति इस वर्ष भी दुर्गा पूजा मनाई जाएगी ।
दुर्गा पूजा में सरकार के द्वारा दी गई गार्डलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 दिन तक चलने वाली नवरात्र की रात्रि शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कलश यात्रा में भी सरकार के द्वारा जारी लोक डाउन के गाइड लाइन के अनुसार कलश स्थापित किया गया। लोग दूरी बनाकर मास्क लगाकर पूजा पाठ कर रहे थे।
इस मौके पर पुजारी आशीष भाई, संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष चंदन पासवान, अध्यक्ष विशाल गुप्ता व संघ के सदस्य मुकेश मेहता, संत कुमार गुरुजी, सत्येंद्र चौधरी, पंकज विश्वकर्मा, मीडिया प्रभारी सुमित कश्यप सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।
कल्याणपुर/ निमिया स्थान : गायत्री परिवार गढ़वा जिला इकाई द्वारा शारदीय नवरात्र के अवसर पर जिले के सभी शक्तिपीठों चेतना केंद्र एवं प्रज्ञा संस्थानों में शनिवार की सुबह कलश स्थापना की गई इस अवसर पर गायत्री परिजनों ने नौ दिनों तक चलने वाले गायत्री मंत्र अनुष्ठान का संकल्प लिया।
जिला मुख्यालय गढ़वा में कल्याणपुर शक्तिपीठ स्थल एवं निमिया स्थान प्रज्ञा संस्थान में दोनों जगह कलश स्थापित किया गया कोरोना महामारी को लेकर सरकार द्वारा जारी किये गये दिशा-निर्देश के आलोक में शक्तिपीठ स्थल कलश स्थापना में सीमित संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे। इस दौरान लोगों को शारदीय नवरात्र के महत्व एवं एवं गायत्री मंत्र जप के लाभ के विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी। जिला प्रचारक सन्तन मिश्र ने कहा कि शारदीय नवरात्र गायत्री साधकों के लिये काफी अनुकूल समय होता है। इसका अवश्य लाभ उठाना चाहिये।
इस मौके पर जिला समन्वयक विनोद पाठक, शोभा पाठक, सुनन्दा दुबे, वृंदा ठाकुर, अखिलेश कुशवाहा, मिथिलेश कुशवाहा, राजेश कुमार ठाकुर, ध्रुव कुमार, शकुंतला देवी, शांति देवी, सुनीता देवी, प्रियंका कुमारी, सुप्रिया कुमारी, रानी कुमारी, आलोक कुमार, समृद्धि श्री, चंचला देवी आदि उपस्थित थे।
बिशुनपुरा : मां अष्टभुजी कामेश्वरी माता मंदिर कमता में शारदीय नवरात्रि के धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ परंपरागत ढंग से शुरू हो चुका है। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम शैलपुत्री रूप की पूजा हुई। कलश यात्रा के बाद श्री अष्टभुजी कामेश्वरी माता मंदिर में कलश स्थापना विधिवत ढंग से की गई। इसके पहले श्री दुर्गा सप्तशती का पाठोपरान्त वृहद् अनुष्ठान और वेद मंत्रो के साथ कलश स्थापना के लिए समस्त परंपराओं को पूरा संपन्न कराया। मंदिर परिसर से कलश यात्रा निकली गई। कलश स्थापना के लिए पपरवा धाम झरना से जल लाया गया। फिर मंदिर में कलश पूजन व स्थापना के साथ सिद्धपीठ में स्थापित तीर्थों की प्रतीक पूजा, शंख चक्र, त्रिशूल आदि की पूजा, पंच लोकपाल, क्षत्रपाल, नवग्रह वरूण, गौरी-गणेश, स्थापित देवविग्रहो की पूजा अर्चना की गई।
इसके साथ ही पूरे प्रखंड में पूजा समिति एवं सभी भक्त अपने अपने घरों में मां का अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया।
मौके पर श्री अष्टभुजी कामेश्वरि माता मंदिर कमता पिपरी के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह, उपाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह, सचिव मनीष कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, राजू सिंह, टिंकू सिंह, रवीश कुमार सिंह, रूपेश कुमार सिंह, शीलवंत कुमार सिंह हेमंत कुमार सिंह, यशवंत कुमार सिंह,चंदू सिंह, मिंकू सिंह, सनी कुमार सिंह सहित काफी संख्या में भक्त उपस्थित थे।
कांडी : नवरात्रि के धार्मिक अनुष्ठान का सुभारंभ परम्परागत ढंग से शुरू हो चुका है। जगह जगह पर भक्तों में खुशियों का लहर देखने को मिल रहा है।
बताते चलें कि कांडी प्रखंड स्थित दुमर्सोता सोन नदी में अलग - अलग जगहों से कलश यात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिली। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ग्राम अमडीहा, कांडी पथरिया, शिवरी एवं अन्य जगह के लोगों ने बहुत ही श्रद्धा के साथ कलश यात्रा समर्पण किया। कलश डूमरसोता सोन नदी से उठा कर अपने अपने पूजा पंडाल में ले जाया गया और मां दुर्गा का आह्वान कर पूजार्चना प्रारंभ किया।