गढ़वा : संगीत कला महाविद्यालय में संगीत सम्राट बहुमुखी प्रतिभा के धनी स्वर्गीय किशोर कुमार की 33 वां पुण्यतिथि कोरोना काल के चलते ऑनलाइन श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया गया। संगीत कला महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद सोनी, मैलोडी मैकर्स के डायरेक्टर दया शंकर गुप्ता अपने गायकी से किशोर कुमार की एहसास करने वाले विजय प्रतापदेव, वरिष्ठ कलाकार गोपाल कश्यप सुधांशु कुमार किशोर अम्बष्ठ ने संयुक्त रूप से स्व. किशोर कुमार के तस्वीर पर दिप जलाते हुए पुष्पांजलि अर्पित किए।
श्रद्धांजलि देते हुए संगीत कला महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद सोनी ने कहा की किशोर कुमार एक महान गायक साथ महान अभिनेता लेखक निर्देशक निर्माता थे। वे हिंदी फिल्मों के अलावा बंगाली मराठी गुजराती कन्नड़ जैसी कई फिल्मों में अपनी आवाज के जादू बिखेरा एक बेहतरीन गायक के साथ किशोर कुमार को कॉमेडियन अदाकारी के लिए याद किया जाता है।
आभास कुमार गांगुली उर्फ किशोर कुमार बॉम्बे मायानगरी में बस तो गए थे, लेकिन उनका मन आखिरी साँस तक खंडवा की ठेठ कस्बाई संस्कृति में रमा रहा। उनकी अंतिम इच्छा के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार उनके गृहनगर खंडवा में ही किया गया।
मैलोडी मैकर्स के डायरेक्टर दया शंकर गुप्ता ने कहा कि किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में एक बंगाली परिवार में हुआ था। अपनी जादुई आवाज से कई पीढ़ियों की रूह को छूने वाले आवाज के मालिक किशोर कुमार ने अपनी गीतों के द्वारा कई अभिनेताओं को ऊंचा मुकाम दिलवाया। आज के दौर में हर कलाकार या कला प्रेमी किशोर कुमार के आवाज़ से प्रभावित हैं। उनके गीतों को गाकर हमलोग अपनी गायकी जिंदा रखते है।
विजय प्रताप देव ने कहा कि किशोर कुमार की आवाज ईश्वरीय देन थी। बचपन से उनके गीतों को सुनकर मेरे दिलोदिमाग में पूर्णरूप से उनकी आवाज बस गया। उनके गीत को गाकर हमने गाना सीखा और उनके गीतों को गाकर ही गायिकी में अपनी पहचान बनाया।
वरिष्ठ कलाकार गोपाल प्रसाद कश्यप ने कहा कि किशोर कुमार के लिए 1970 से 1980 का दशक बहुत खास रहा। इस दौरान उन्होंने कई ऐसे गीत गाये जो आज भी लोगों की रूह को छू जाता है। उनकी गायिकी में अदभुत जादू था। अपनी आवाज के जादू के बदौलत कयामत तक किशोर कुमार सब के दिलों में जिंदा रहेगें।
इस अवसर पर सर्वप्रथम गोपाल कश्यप, धारा केशरी ने देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए , और हमे और जीने की चाहत न होती अगर तुम ना होते, दया शंकर गुप्ता पुष्पा रानी ने आपकी आंखों में कुछ महकी हुई सी ख्वाब है, दया शंकर गुप्ता और आकांक्षा कुमारी ने शायद मेरी शादी का ख्याल दिल में आया है, दया शंकर ने मेरे महबूब कयामत होगी, किशोर अम्बष्ठ और वैष्णवी कुमारी ने एक में और एक तू दोनों मिले इस तरह, किशु राज ने आदमी जो कहता है आदमी जो सुनता है जिंदगी भर व सदाये पीछा करती है, कौशल रविया ने जवानी ओ दीवानी तू जिंदाबाद, प्रियंका कुमारी ने फूलो का तारो का सबक कहना है, मनीष मौर्य और परी ने हवा के साथ साथ घटा के संग संग ओ साथी चल।
इस तरह सारे छात्र छात्राएं और वरिष्ठ कलाकारों ने किशोर कुमार के गीत गाकर उनको श्रद्धाजंलि दिए। इस मौक पर वरिष्ठ कलाकार कृष्ण कुमार गुप्ता, विजय हिन्द, अभिनेष तूफानी, अखिलेश चंद्रवंशी, सपना भारती, श्रेष्ठ कुमार, बिनोद कुमार, लक्ष्मी कुमारी आदि कलाकार सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करते हुए उपस्थित थे। सारे कार्यक्रम संगीत कला महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद सोनी के निर्देशन में हुआ। उद्घोषक की भूमिका प्रियंका भर्ती ने निभाई। प्रोग्राम का एडिटिंग शूटिंग मिक्सिंग नीलेश सोनी और विजय हिन्द ने किया।