गढ़वा : भाजपा के पूर्व विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी मंगलवार को ग्रामीणों के बुलावे पर सदर प्रखंड के सुखबाना गांव पहुंचे। पूर्व विधायक से ग्रामीणों ने गांव में बन रहे डंपिंग यार्ड को गांव से दूर दूसरे स्थान पर बनवाने का अनुरोध किया। ग्रामीणों की ओर से डंपिग यार्ड का किए जा रहे विरोध का उन्होंने समर्थन किया।
ग्रामीणों ने पूर्व विधायक से मांग करते हुए कहा कि डंपिंग यार्ड को सुखबाना गांव से कहीं दूर बनवाया जाए।

पूर्व विधायक ने कहा कि इससे पहले भी डंपिंग यार्ड का निर्माण करने के लिए परिहारा में स्थल चयन किया गया था। जिसका परिहारा के ग्रामीणों ने विरोध किया था। अब जिला प्रशासन वही काम सुखवाना में कर रही है।
प्रशासन द्वारा यहां के ग्रामीणों को विश्वास में लिए बिना ही निर्माण करना दुर्भाग्यपूर्ण है। डंपिंग यार्ड के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में बंजर भूमि का चयन किया जाना उपयुक्त है। डंपिंग यार्ड के निर्माण से वायु प्रदूषण के साथ-साथ जल प्रदूषण भी होगा। जो आसपास के गांव के लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
उन्होंने कहा कि डंपिंग यार्ड के निर्माण से पहले ग्राम सभा करना आवश्यक है लेकिन यहां ग्राम सभा हुआ ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जब ग्रामसभा में ग्रामीण मौजूद ही नही हुए तो किस तरह का ग्रामसभा का आयोजन किया गया। उन्होंने ग्रामसभा को फर्जी करार देते हुए कहा कि डंपिंग यार्ड के लिए जो स्थल का चयन हुआ है। उसके बगल में शिक्षण संस्थान के अलावा काफी संख्या में ग्रामीणों का घर हैं।
साथ बगल में ही धार्मिक स्थल है। इसके बावजूद सरकार गरीब भूमिहीनों को जबरदस्ती बेघर करना चाहती है।

पूर्व विधायक ने कहा कि यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं है। यह भावना से जुड़ा मामला है। यहां हजारों साल से भगवान शंकर स्थापित हैं। राज्य सरकार अब लोगों को विस्थापित करने के साथ भगवान को भी विस्थापित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके रहते ग्रामीणों के भावना के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नही होगी। वह ग्रामीणों को यहां से उजड़ने नहीं देंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और मुख्य सचिव से मिलकर इस समस्या के निराकरण की बात कही। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।