गढ़वा/श्री बंशीधर नगर/चिनिया/ भवनाथपुर/धुरकी : झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन के निधन शोक का तांता लगा हुआ है। सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने शोक जताया है।
गढ़वा :
झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष तनवीर आलम की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय गढ़वा में आयोजित शोक सभा में जिला अध्यक्ष तनवीर आलम खान ने कहा कि मोहम्मद हाजी हुसैन अंसारी पार्टी के नेता एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं के लिए अभिभावक स्वरूप थे। उनका अचानक चले जाना हम सबों के लिए पीड़ादायक है। वह झारखंड आंदोलन से जुड़े हुए नेता थे झारखंड अलग राज्य आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन से उनका गहरा लगाव था।
2009 से 2020 तक के बीच में वह 4 बार कैबिनेट मंत्री के रूप में रहे और झारखंड वासियों के लिए अपना सर्वोत्तम देने का काम किया। झारखंड के प्रति वह समर्पित थे और उनका आधा जीवन गरीब-गुरबों की लड़ाई लड़ने में बीता था।
शोक सभा में जिला सचिव मनोज ठाकुर, केंद्रीय समिति सदस्य मदनी खान, बिजली विभाग के विधायक प्रतिनिधि नसीम अख्तर, प्रवक्ता धीरज दुबे, उपाध्यक्ष डॉ असजद अंसारी, धिरेंद्र चौबे, महिला मोर्चा अध्यक्ष अंजली गुप्ता, सचिव चंदा देवी, कोषाध्यक्ष आलम आरा, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष आलमगीर आलम, नीलू खान, प्रखंड अध्यक्ष फुजैल अहमद, सचिव नवीन धर दुबे, उपाध्यक्ष नीरज तिवारी, बिरेंद तिवारी, अनवर हुसैन अंसारी, आदि उपस्थित थे।
श्री बंशीधर नगर:
झारखण्ड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो0 हाजी हुसैन अंसारी के आकस्मिक निधन पर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के धुरकी मोड़ स्थित कार्यालय में रविवार को शोकसभा का आयोजन किया गया।
शोकसभा में उपस्थित कार्यकर्ताओ ने कहा कि मो0 हाजी हुसैन अंसारी के आकस्मिक निधनसे झारखण्ड को अपूरणीय क्षति हुई है शोकसभा में झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य निर्मल पासवान, सूर्यदेव मेहता, जिला उपाध्यक्ष मुकेश कुमार सिन्हा, जिला कमिटी सदस्य सीताराम पासवान, विश्वनाथ राम, प्रभारी पंचायत अध्यक्ष आशीष कुमार, राजकुमार राम, हुलहुला खुर्द पंचायत अध्यक्ष मुन्ना मेहता, नागेंद्र यादव, प्रखण्ड सचिव सुरेश शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित थे। शोकसभा की अध्यक्षता प्रखण्ड अध्यक्ष अमर राम ने किया।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सह पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन पर गहरा दुख एवं शोक प्रकट किया है उन्होंने कहा कि हाजी हुसैन अंसारी के निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।
चिनियां :
झामुमो प्रखंड कार्यालय में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन के निधन के दुख में उनकी आत्मा की शांति के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अरविन्द यादव ने कहा कि इनके जाने से झामुमो परिवार का एक अंग टूट गया। इनकी कमी हमेशा झामुमो परिवार को खलेगी।
इस शोक सभा में झामुमो प्रखंड सचिव व चिनियां उप प्रमुख मो० फारूक हसन, चिनियां पंचायत सचिव मो० नौशाद मंसूरी, चिनियां मुखिया रामनाथ तुरी, बिलाएती खैर मुखिया अताउल्लाह अंसारी, चिनियां प्रखंड झामुमो मीडिया प्रभारी हरिओम यादव, झामुमो नेता बंशीधर यादव, रमेश यादव, उदय यादव, बीरेंद्र यादव, बिलयती खैर पंचायत प्रभारी हरिमाल सिंह, झामुमो युवा नेता आरज़ू हसन, राजद प्रखंड अध्यक्ष सागर यादव, मनदीप यादव, देवदत यादव, आदि लोग उपस्थित थे।
भवनाथपुर :
झामुमो भवनाथपुर प्रखंड अध्यक्ष चन्दन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में झामुमो भवनाथपुर प्रखंड कमेटी के द्वारा राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री माननीय हाजी हुसैन अंसारी के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ठाकुर ने कहा कि झामुमो के लिए एवं राज्य के लिए हाजी हुसैन साहब का निधन बहुत ही दुखद एवं अपूरणीय क्षति है। हाजी हुसैन साहब मृदुभाषी समाजसेवी नेता थे। वह हमेशा मधुपुर विधानसभा के जनता के दिलों में राज करने का काम किए। उनके निधन से झामुमो परिवार दुखी है।
इस अवसर पर प्रखंड प्रभारी सुरेश गुप्ता, सचिव संजय ठाकुर, सह सचिव पुटून राउत, उपाध्यक्ष वकील अंसारी, मीडिया प्रभारी शशि दुबे ,संयुक्त सचिव सत्यनारायण राम, अकबर अंसारी, जय मंगल पासवान ने भी सभा को संबोधित किया एवं इस घटना पर दुख व्यक्त किया।
इस अवसर पर बृज किशोर श्रीवास्तव, मुस्लिम अंसारी, शैलेश चौबे, अकबर अंसारी, दीपक वर्मा, संतोष बियार, सरजू सिंह, विजय उरांव, रामराज तिर्की, सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
धुरकी :
कांग्रेस के गढ़वा जिला उपाध्यक्ष मोबीन अंसारी ने हाजी हुसैन अंसारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे वे काफी आहत हुए है। हाजी साहब ने झारखंड आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी। वे सरल स्वभाव वाले जन नेता थे।
उन्होने कहा कि हाजी हुसैन का निधन झारखंड और उनके लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस दुख की घटना ने पुरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. हाजी साहब से मेरे आत्मीय और व्यक्तिगत संबंध थे, सदैव उनका सानिध्य प्राप्त होता रहा था, विधानसभा में भी वे जनहित के मामलों को हमेशा तवज्जो देते थे। वह राजनीतिक मे एक अभिभावक के समान थे।