गढ़वा : शहर में खुलेआम बड़ी संख्या में अवैध मीट की दुकानें चल रही हैं। नगर परिषद के तमाम दावों की पोल खोलते हुए खुलेआम अवैध दुकानों से मीट बेचा जा रहा है। पर तमाम प्रशासनिक महकमा उससे बेखबर है। नगर परिषद के पदाधिकारी और खाद़ सुरक्षा पदाधिकारी को यह भी पता नहीं की किस विभाग मीट दुकान का लाईसेंस दिया जाता है।
उक्त दोनों पदाधिकारियों के लापरवाही का आनंद जिले के अवैध मीट दुकानदार ले रहे हैं। जिला मुख्यालय में एक दर्जन से अधिक दुकानें सड़क के क़िनारे खुले में बकरी और मुर्गो को बद्ध कर मीट की बिक्री करते हैं। उनके पास न तो परिषद की ओर किसी तरह का निर्देश मिला और न ही उनके पास लाइसेंस है और ना ही उनकी दुकानों को बंद कराया गया।
खुलेआम मीट बेचे जाने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय के मेन रोड, पुरानी बाजार, मझिआंव मोड़, रंका मोड, बाईपास रोड, पथ निर्माण विभाग कार्यालय के सामने, प्रखंड कार्यालय के पास, नवादा मोड़ पर खुलेआम मीट बेचा जा रहा है। उससे आस-पास के इलाके में संक्रमण फैलने का डर बना रहता है ।
इस संबंध में कमल किशोर सिंह, कार्यपालक पदाधिकारी गढ़वा ने कहा कि जिले में मीट दुकान संचालित करने का लाईसेंस खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी की ओर से जारी किया जाता है। जिले में अब तक कितने लाईसेंसधारी द्वारा मीट दुकान संचालित हो रहे हैं, उसकी जानकारी नहीं है। उसके संबंध में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी से ही पता चल सकता है।
जब इस संबंध में राजा कुमार, खाद्य सुरक्षा पदादिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि, मीट दुकान संचालन की जानकारी नगर परिषद को होगी। शहरी क्षेत्र में मीट दुकान की लाईसेंस नगर परिषद् की ओर से एनओसी जारी करने के बाद ही मिलता है। जिले में अब तक कितने मीट दुकान का लाईसेंस है उसकी जानकारी नहीं है। जल्द ही सिटी मैनेजर से समन्वय स्थापित कर अवैध मीट दुकान के खिलाफ छापेमारी की जाएगी।