गढ़वा : गढ़वा जिला के भंडरिया प्रखंड की सीमा पर बरवाडीह के मंडल गांव में वर्षो से बंद पड़े मंडल डैम परियोजना के चालू होने की आस एकबार फिर धूमिल होने लगी है। मंडल डैम परियोजना को पुन: चालू कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर जल आयोग की केंद्रीय टीम और झारखंड व बिहार के कई वरीय अधिकारियों के दौरे के बाद ऐसा लगने लगा था कि इसका लाभ जल्द ही लोगों को मिलेगा। लेकिन प्रधानमंत्री के द्वारा योजना का ऑनलाइन शिलान्यास किए जाने के लगभग दो वर्ष बाद भी काम शुरू नहीं किए जाने से, अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। समय लेने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या है मंडल डैम परियोजना :
मंडल डैम की शुरूआत 1970 ई में की गई थी।
यह परियोजना लातेहार जिले के मंडल गांव में स्थित है। मंडल डैम से पनबिजली उत्पादन होना था। इसके लिए 90 प्रतिशत कार्य लगभग पूर्ण हो गया था। अचानक केंद्र सरकार द्वारा 1993 ई में इस परियोजना पर रोक लगा दी गई। जिसके कारण यह परियोजना 27 वर्षो से अधर में है। इस परियोजना के चालू हो जाने से बिजली उत्पादन भी होता और झारखंड की बिजली क्षमता बढ़ती। वहीं झारखंड व बिहार की एक लाख 20 हजार हेक्टेयर भूमि की पटवन होती। इसमें एक लाख हेक्टयर भूमि की पटवन सिर्फ बिहार की भूमि की होगी।
वर्ष 2015 में बिहार व झारखंड के संयुक्त सांसदों की टीम ने किया था दौरा :
वर्ष 2015 के 13 जुलाई को मंडल डैम को चालू करने के लिए बिहार व झारखंड के सांसदो की टीम बरवाडीह पहुंच मंडल डैम का निरीक्षण किया था।
सांसदों की टीम में झारखंड के पलामू के सांसद बीडी राम, चतरा सांसद सुनील सिंह व मनिका विधायक हरिकृष्ण सिंह, वहीं बिहार के सांसदों में जहानाबाद सांसद हरि मांझी, गया सांसद अरूण कुमार, औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह व काराकट सांसद उपेंद्र कुशवाहा के नाम शामिल थे। इस दौरान सांसदों के साथ-साथ इंजीनियरों की टीम भी मंडल पहुंची थी। इसके बाद केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर द्वारा भी मंडल डैम का निरीक्षण किया गया था। साथ ही मंडल डैम चालू करवाने की बात कही गई थी।
इंजीनियर की हत्या के बाद से बंद है मंडल डैम :
बिहार-झारखंड में हरितक्रांति लाने के उद्देश्य से चालू हुए मंडल डैम परियोजना इंजीनियर की हत्या के बाद बंद हो गया था।
27 वर्ष पूर्व नक्सलियों द्वारा मंडल डैम के इंजीनियर की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से मंडल डैम परियोजना का कार्य बंद हो गया था। वर्तमान में भी नक्सलियों के भय के कारण मंडल डैम का कार्य बंद ही पड़ा है।
डैम चालू होने से आएंगी हरित क्रांति :
मंडल डैम के शुरू हो जाने से झारखंड व बिहार के हजारों एकड़ से भी अधिक जमीन सिंचित होगी। इससे बिहार व झारखंड में हरितक्रांति आ जाएगा। मंडल डैम परियोजना चालू होने के बाद यहां के किसानों को अपने खेतों के पटवन में आ रही परेशानी दूर होगी।