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राजमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर पुष्पांजलि व संगोष्ठी का आयोजन, न्याय और सेवा की प्रतिमूर्ति को किया गया नमन

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राजमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर पुष्पांजलि व संगोष्ठी का आयोजन, न्याय और सेवा की प्रतिमूर्ति को किया गया नमन


संजय कुमार यादव check_circle
संवाददाता



गढ़वा : राजमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को चिनिया मोड़ टाउन हॉल के बगल में स्थित अहिल्याबाई की प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उनकी मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।

कार्यक्रम के पश्चात आरपी नर्सिंग कॉलेज, चिनिया रोड (बायपास रोड के निकट) में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों एवं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भाग लिया।

संगोष्ठी में वक्ता के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली श्याम सोनी ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर 17वीं शताब्दी की एक महान शासिका थीं।

उनका जन्म 31 मई 1725 को चौंडी, अहमदनगर (महाराष्ट्र) के एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम मालोजी राव शिंदे था। बचपन से ही वे भगवान शिव की उपासक थीं। मात्र आठ वर्ष की आयु में उनका विवाह राजा खंडेराव होलकर से हुआ।

सन 1754 ई. में पति की युद्ध में वीरगति के बाद वे 21 वर्ष की आयु में विधवा हो गईं, लेकिन उन्होंने खुद को समाज सेवा और शासन में समर्पित कर दिया। 1767 ई. में उन्हें इंदौर की राजगद्दी सौंप दी गई और वे मालवा साम्राज्य की महारानी बनीं।

राजमाता ने काशी विश्वनाथ मंदिर (1780 ई.) का पुनर्निर्माण कराया और देशभर में धार्मिक स्थलों, कुएं, बावड़ी, धर्मशालाओं का निर्माण करवाया। उन्हें न्याय की देवी भी कहा जाता है।

एक प्रेरणास्पद घटना का उल्लेख करते हुए मुरली श्याम सोनी ने कहा कि एक बार उनके पुत्र मालेजी राव के रथ से एक बछड़ा कुचला गया। जब पुत्र ने कोई संवेदना नहीं दिखाई, तो माता अहिल्याबाई ने सभा बुलाकर पुत्र को अपराधी घोषित किया और वही सजा सुनाई – मृत्यु के बदले मृत्यु। लेकिन जब सजा देने का समय आया, तो गाय रथ के सामने आकर खड़ी हो गई। जनता के अनुरोध पर उन्होंने पुत्र को क्षमा कर दिया, लेकिन यह घटना उनके निष्पक्ष और कठोर न्याय की मिसाल बन गई।

उन्होंने लगभग 30 वर्षों तक शासन किया और 13 अगस्त 1795 को करीब 70 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।

कार्यक्रम में आरपी नर्सिंग कॉलेज के संचालक डॉ. पतंजलि केसरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी राजमाता के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला।

संगोष्ठी में सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

इस अवसर पर उपस्थित जनों ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को आत्मसात करने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद महतो, पूर्व जिला अध्यक्ष बिनोद तिवारी, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष अनीता गुप्ता, उपाध्यक्ष मीणा गुप्ता, पार्वती सिंह, आरपी नर्सिंग कॉलेज के डायरेक्टर एवं भाजपा नेता डॉ पतंजलि केसरी, विनय चौबे, ब्रजेश उपध्याय, उमेश कश्यप, डॉ संतेंद्र सोनी, विनोद जायसवाल, अरविन्द पटवा उपस्थित रहे। मंच का संचालक जिला महामंत्री श्री संतोष दुबे, एवं धन्यवाद श्रीमती अनीता गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में कॉलेज के टीचर एवं विद्यार्थी उपस्थिति थे।




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