मझिआंव : प्रखंड क्षेत्र के तलसबरिया गांव में विशेष एक व्यक्ति को पेयजल आपूर्ति कराने के लिए तीन लाख 84 हजार 691 रुपए की लागत से जलमीनार का निर्माण कराया गया है। इधर इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार जलमीनार का निर्माण 14वें वित्त आयोग की राशि से कराई गई है।
इधर इस संबंध में बीडीसी शाहिद अनवर खां एवं जेएमएम के वरिष्ठ युवा नेता सईद अंसारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के नाम से लिखित आवेदन देकर जलमीनार कार्य को अविलंब बंद एवं स्थल हस्तांतरण करवाने की मांग किया था।
आवेदन के आलोक में इसे गंभीरता से लेते हुए बीडीओ अमरेन डांग द्वारा अविलंब कार्य को रोक लगाने का निर्देश पंचायत सचिव को दिया गया था। लेकिन रोक लगाने का निर्देश दिए जाने के बावजूद भी पंचायत सचिव एवं पंचायत की मुखिया प्रतिनिधि द्वारा आनन-फानन में जल मीनार कार्य को निर्माण करवाया गया।
इधर शिकायतकर्ता बीडीसी शाहिद अनवर खां एवं जेएमएम युवा नेता सईद अंसारी समेत अन्य लोगों ने बताया की यह जलमीनार एक व्यक्ति विशेष असलम खां के घर के सामने लगाया गया है। जबकि जलमीनार स्थल के आस पास मात्र एक घर है। बाकी घर दूर है जो घनी आबादी से घिरा है। जबकि घनी आबादी वाले क्षेत्र में जल मीनार का निर्माण कराया जाना है। लेकिन पंचायत की लचर व्यवस्था के कारण घनी आबादी को नजरअंदाज करते हुए किसी एक व्यक्ति विशेष के घर के सामने जलमीनार खड़ा करना न्याय संगत नहीं है।
जबकि ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सच कहा जाए तो यह योजना ग्रामीणों के लिए हाथी का दांत साबित होने लगा है। इधर ज्ञात हो कि पेयजल आपूर्ति के लिए बनाया गया जलमीनार सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।
योजना बेकार साबित हो रही है। क्योंकि घनी आबादी को छोड़कर किसी एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए जलमीनार बनवाया गया है। जिससे ग्रामीणों को जलापूर्ति योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इधर के संबंध में पंचायत सचिव शिव शंकर ठाकुर ने बताया कि बीडीओ साहब ने प्रखंड के कॉर्डिनेटर से जांच करवाये थे, कहा कि फिलहाल 2 लाख रुपए का भुगतान हो चुका है। बाकी शेष राशि पर रोक लगा दी गई है।