गढ़वा : पलामू संसदीय क्षेत्र के प्रतिनिधि सांसद विष्णु दयाल राम ने लोकसभा में नियम 377 के तहत गढ़वा जिला के भवनाथपुर में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (आईएमसी) स्थापित करने का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) के तहत अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक परियोजना के लिए झारखंड में आईएमसी स्थापित करने का निर्णय केंद्र सरकार पहले ही ले चुकी है और इस संदर्भ में राज्य सरकार को सूचित भी कर दिया गया है।
श्री राम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड सरकार आईएमसी को भवनाथपुर के बजाय बोकारो में स्थापित कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि भवनाथपुर में इस्पात प्राधिकरण (सेल) द्वारा प्रस्तावित भूमि का क्षेत्रफल 1180 हेक्टेयर है, जबकि बोकारो में प्रस्तावित जमीन महज 700 हेक्टेयर है।
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भविष्य में आईएमसी के विस्तार के लिए भवनाथपुर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जबकि बोकारो में यह मुमकिन नहीं होगा।
सांसद ने यह भी कहा कि गढ़वा जिला देश के 112 आकांक्षी जिलों में शामिल है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण है कि इन जिलों में विकास की गति को तेज कर उन्हें विकसित जिलों की श्रेणी में लाया जाए। आईएमसी जैसी परियोजनाएं गढ़वा जैसे पिछड़े जिलों में स्थापित होने से वहां आर्थिक विकास, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि राज्य सरकार को निर्देश दिया जाए कि आईएमसी को गढ़वा जिला के भवनाथपुर में ही स्थापित किया जाए ताकि क्षेत्र का समुचित विकास हो सके।