रमना : प्रधानमंत्री आवास योजना का सोशल ऑडिट वित्तीय वर्ष 2016 से 2022 तक का कार्य पूर्ण कर शुक्रवार को प्रखंड के सभी पंचायत सचिवालय में प्रखंड द्वारा प्रतिनियुक्त एक कर्मी, पंचायत समिति सदस्य और ग्रामीण की न्याययिक पैनल में जनसुनवाई की गई। जिसमें आवास निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की मामला सामने आयी। प्रतिनियुक्ति न्यायिक पैनल ने सक्षम मामले में संलिप्त कर्मियों पर अर्थदंड लगाया और गंभीर मामले को करवाई हेतु अग्रसारित कर दिया।
कर्णपुरा पंचायत सचिवालय में जनसुनवाई के दौरान सोशल ऑडिट टीम के टीम लीडर बब्लु चौधरी, अभिमन्यु गिरी, विकेश कुमार, राजकेश्वर सिंह, फूलकुमारी, प्रमिला देवी और 150 ग्रामीण शामिल हुए। न्यायिक पैनल में सुरेश राम अध्य्क्ष, वर्तमान पंचायत समिति सदस्य प्रमोद कुमार, मुंशी राम, संध्या देवी मनोनीत दण्डाधिकारी के समक्ष सोशल ऑडिट टीम ने 522 आवंटित आवास का सामाजिक सर्वे का लेखा-जोखा जनसुनवाई में रखा।
जिसमे आवास योजना के नियमो को खुलेआम मजाक बना के रख दिया गया है। आवास योजना के लाभुकों की सूची का दिवार लेखन और रेकड़ ही नहीं है। आवास पूर्ण करने वालो को आवास प्रमाण पत्र ही नहीं दिया गया। आवास निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। मनरेगा मजदूरी का भुगतान ही नहीं किया गया। 80-90 प्रतिषत पीएम आवास लाभुकों के पीएम आवास का लोगो ही घर पर नहीं लगा। आवास चयन में ग्राम सभा होने का कोई प्रमाण नहीं है और आवास लाभुक को शौचालय योजना नहीं मिला, इस पंचायत में चयनित सूची में प्राथमिकता के अनुसार लाभुकों को आवास नहीं मिला। भ्रष्टाचार की हद तब हो गयी ज़ब 32 लाभुकों को बिना पीएम आवास बनाए ही कुल भुगतान कर दिया गया।
इतना ही नहीं आवास लाभ के बदले अब्दुल हफीज अंसारी से 25 हजार, विमला देवी से दस हजार, रिता देवी से 14 हजार, प्रतिमा देवी से 10 हजार मंजू देवी से 10 हजार और जिओ टैगिंग करने के हर बार 500 रूपये गरीब लाचार आवास लाभुकों से लिया गया।
उक्त सभी बाते सोशल ऑडिट करने वाले टीम के द्वारा बतायी गयी। जनसुनवाई कार्यक्रम में रोजगार सेवक और पंचायत सचिव उपस्थित नहीं थे। कार्यक्रम में मुखिया अजित कुमार पाण्डेय कुछ देर रहे फिर चले गये।