गढ़वा : गांधी जयंती के अवसर पर टेंडर हार्ट्स स्कूल में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः प्रार्थना सभा में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। निदेशक एस.एन. पाठक ने अपने संबोधन में गांधी जी के शांति और सविनय अवज्ञा के सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन सिद्धांतों ने न केवल भारत को स्वतंत्रता दिलाई, बल्कि यह विश्वभर में आजादी और शांति का प्रभावी माध्यम बने। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गांधी जी की विचारधारा ने दुनिया को नेल्सन मंडेला जैसे नेताओं को जन्म दिया, जो विश्व शांति और स्वतंत्रता के प्रतीक बने।
इसके बाद, कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए "गांधी जी का विश्व जगत में योगदान" विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों ने गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान बताया, जो आज भी हिंसक सरकारों और व्यवस्थाओं के खिलाफ अहिंसक आंदोलन का आधार बनते हैं। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र की सफलता का आधार अहिंसा है, और इसके बिना प्रजातंत्र की कल्पना अधूरी है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गांधी और शास्त्री जी पर स्वरचित और अन्य कविताओं का पाठ किया। शिक्षकों में विनय चौबे, जूली कुमारी, असलम अंसारी, नंदलाल कुमार, गुफराना, सरिता पन्ना, रामबाबू मिश्र, और रिंकी कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज गांधी जी को भुलाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन गांधी केवल भारत की नहीं, बल्कि विश्व राजनीति के सिद्धांतों की आत्मा हैं, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा आठ की रिशा तिवारी और मान्या जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया।