भवनाथपुर : सीएचसी भवनाथपुर के अंतर्गत संचालित कोनमंडरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कार्यरत एएनएम अंचला कुमारी पर प्रसव कराने के एवज में रिश्वत लेने और टीकाकरण के दौरान लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप सामने आया है, जिससे एक नवजात बच्ची की जान पर बन आई है।
मामला भवनाथपुर थाना क्षेत्र के चपरी गांव का है, जहां चपरी निवासी लालो साह ने अपनी पुत्री सोनी देवी का सुरक्षित प्रसव कराने के लिए 9 सितंबर को मुसकैनी पहाड़ी के समीप स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में भर्ती कराया था। सोनी देवी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, लेकिन प्रसव के बाद एएनएम अंचला कुमारी ने बतौर रिश्वत 700 रुपये की मांग की। लाभार्थी ने मजबूरी में किसी और से कर्ज लेकर स्वास्थ्य सहिया नीलम देवी के माध्यम से 500 रुपये दिए और शेष राशि बाद में देने की बात कही।
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इसके बाद, 19 सितंबर को गांव में आयोजित टीकाकरण के दौरान एएनएम अंचला कुमारी ने नवजात बच्ची को बीसीजी का टीका बाएं हाथ के बजाय गलती से दाएं हाथ में लगा दिया। टीका लगने के कुछ ही घंटों बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और उसका दायां हाथ सूज गया। स्थिति गंभीर होने पर बच्ची की नानी रीता देवी उसे गढ़वा के एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए ले गईं। रीता देवी ने बताया कि इलाज के लिए उन्हें 20-25 हजार रुपये खर्च करने पड़े, जिसके लिए उन्हें जमीन गिरवी रखनी पड़ी।
रीता देवी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रसव के बाद मिलने वाले सभी कागजात अब तक नहीं मिले हैं क्योंकि उन्होंने एएनएम को पूरे पैसे नहीं दिए। वहीं, सहिया नीलम देवी ने पैसे लेने से इंकार करते हुए कहा कि लाभार्थी को प्रसव के बाद कागज नहीं मिला है।
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दूसरी ओर, एएनएम अंचला कुमारी ने सहिया के माध्यम से 500 रुपये लेने की बात स्वीकार की, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि टीकाकरण के दौरान दाएं हाथ में टीका गलती से लग गया था।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का बयान:
सीएचसी प्रभारी डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि बीसीजी का टीका बाएं हाथ में ही लगना चाहिए, लेकिन कभी-कभी बच्चों में टीके के कारण संक्रमण हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रसव के नाम पर एएनएम ने पैसे लिए हैं, तो यह गलत है और लाभार्थी द्वारा लिखित शिकायत मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।