रजा बाग स्थित इदारा तरक्की ए उर्दू के कार्यालय में मुशायरा कार्यक्रम आयोजित
गढ़वा : शहर के ऊंचरी मोहल्ला में स्थित रजा बाग स्थित इदारा तरक्की ए उर्दू के कार्यालय में सोमवार को मुशायरा सह नातिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय शायरो ने एक से बढ़कर एक शायरी व नातिया प्रस्तुत की। इसके पूर्व इसके कार्यालय केा उदघाटन सरपरस्त हाजी निजामुद्दीन टंडवा, नायब सरपरस्त मोबिन अंसारी, हाजी गयासुद्दीन अजीज ने संयुक्त रूप से किया। वक्ताओं ने कहा कि उर्दू बड़ी प्यारी जबान है, यह हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी की जुबान है । उर्दू भाषा ने भारत को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई इसलिए इसकी तरक्की का उपाय सभी को मिलजुल कर करना चाहिए।
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मुशायरा कार्यक्रम के दौरान बरकतुल्लाह फैजी ने कहा कि काश ए गुजर जाए जिंदगी मदीने में
मुस्तफा अता कर दे झोपड़ी मदीने में..., मौलाना यूसुफ ने कहा मलिक सजा के दरूद लव पर फलक, पर खुशियां मना रहे हैं, पढ़ो दरूदो सलाम ए लोगों कि आका तशरीफ ला रहे हैं..., मलिक जफर ने कहा रुक मुस्तफा को देखा तो दीए ने जलना सीखा दिया..., हाफिज असगर ने अपने अंदाज में कलाम पेश करते हुए कहा पूर्व हक मिजाज की सब आए जैन मुस्तफा, चंद दो टुकड़े करें सूरज फिर आए..., मोहम्मद राजा ने पेश किया यारों मेरी जुबान है उर्दू पाको हिंदी की जान है उर्दू मुश्किल है अभी मेरा तैबा में ..., शमशाद साहब ने कहा तू समय रिसालत है आलम तेरा परवाना तू माहे नबूवत है यह जलवा यह जाना जाना ना... पेश किया।
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अध्यक्ष रेयाज अहमद ने भी नातिया प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
मौके पर हिदायतुल्लाह अंसारी, तनवीर आलम, मदनी खान, मकबूल, तौफीक खान, मुजाहिद अंसारी, अब्दुल करीम खान, अमजद अंसारी, अहमद राजा अंसारी, नासिर इकबाल खान, शब्बीर अंसारी, सुल्तान अंसारी, शराफत अंसारी, एजाजउल खान, नौशाद खान, हाजी इश्हक साहब, इफ्तिखार खान, इरफान अंसारी, रोज मोहम्मद अंसारी, एनुअल हक खान, डा. एमएन खान आदि उपस्थित थे।