मेराल : मेराल प्रखंड अंतर्गत झोतर गांव के कदैलिया टोला में रविवार को हासनदाग, देवगाना, कजराठ, जरही आदि गांव के लोगों द्वारा आपसी समन्वय, भू - दान एवं श्रमदान से करीब आधा किलोमीटर मिट्टी मोरम सड़क का निर्माण किया। इस नई सड़क को बन जाने से देवगाना झोतर, जरही आदि कई गांव के लोगों को जिला मुख्यालय गढ़वा एवं प्रखंड मुख्यालय मेराल आने जाने में करीब 5 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। इस सड़क का निर्माण कजराठ के गांव के कदैलिया टोला के पश्चिमी भाग में किया गया है।
सड़क निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक रामनाथ विश्वकर्मा, सुरेंद्र चौबे, अशर्फी चौबे, सीताराम चौबे, मेराल दक्षिणी के जिला परिषद सदस्य राम नरेश चौधरी आदि लोगों ने बताया कि देवगाना, जरही, झोतर इत्यादि गांव के लोगों को विशेष कर बरसात के दिनों में प्रखंड तथा जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए कम से कम पांच छः किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी तथा लोग परेशान रहते थे।
लोगों ने बताया कि इस समस्या के मद्देनजर हासनदाग, कजराठ, देवगाना, झोतर, जरही आदि गांव के बुद्धिजीवियों की बैठक आयोजित की गई जिसमें सड़क निर्माण के लिए सहमति बनी। सेवानिवृत्त शिक्षक अशर्फी चौबे सहित कई लोगों ने सड़क निर्माण के लिए जहां अपनी जमीन दी वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने श्रमदान कर अपना सहयोग दिया। बुद्धिजीवियों के प्रयास एवं सहयोग से देखते ही देखते करीब आधा किलोमीटर तक कच्ची सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने सरकार तथा जनप्रतिनिधियों से इस सड़क के पक्कीकरण तथा दानरो नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग की है।
नई सड़क निर्माण में स्वयंसेवक विवेकानंद चौबे, सुदर्शन विश्वकर्मा, गुलबास अंसार, बकरीदू अंसारी, नंदू चौधरी, झोतर पंचायत के मुखिया सोनू यादव, कोमल चौधरी, शंभू चौधरी, विपिन चौधरी, हरेंद्र चौधरी, संतोष चौधरी, राजबली चौधरी, राजेंद्र चौधरी, राज नारायण चौबे इत्यादि लोगों ने महती भूमिका निभाई।