गढ़वा : सोमवार को रांची से ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के दो सदस्यीय अधिकारियों की टीम गढ़वा पहुंची। गढ़वा पहुंचते ही अधिकारी शहर थाना पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों के साथ शहर में निकल पड़े। ईडी के अधिकारियों ने कचहरी रोड मंगल भवन स्थित हृदयानंद तिवारी के घर पर नोटिस चिपकाया। इस दौरान अधिकारी मीडिया से किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने से परहेज करते रहे।
ईडी की टीम के गढ़वा पहुंचने पर ठेकेदारों और बड़े-बड़े कार्य करने वालों में हड़कंप मच गया। ईडी की उपस्थिति की खबर शहर में आग की तरह फैल गई और लोग यह जानने के लिए उत्सुक थे कि ईडी किस पर कार्रवाई करने गढ़वा आई है। चिपकाए गए नोटिस में उल्लेख किया गया है कि न्यायालय के आदेश के आलोक में उमा भवन स्थित हृदयानंद तिवारी के घर पर नोटिस लगाया गया है।
Advertisement
पूरा मामला इंजीनियर वीरेंद्र राम से जुड़ा बताया जा रहा है।
इसी घर पर ईडी के अधिकारियों ने नोटिस चिपकाया है
ईडी अधिकारियों ने समाहरणालय में भी दौरा किया और वहां से तुरंत लौट गए। ईडी के अधिकारियों ने हृदयानंद तिवारी के मकान पर नोटिस चिपकाने के पश्चात गढ़वा व्यवहार न्यायालय परिसर में भी जिला अधिवक्ता संघ भवन के मुख्य द्वार पर नोटिस चिपकाया। बताया जा रहा है कि हृदयानंद तिवारी चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं और मनी लांडरिंग मामले में पीएमएलए कोर्ट की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट के बाद से फरार चल रहे हैं।
ईडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश के बाद वे लोग हृदयानंद तिवारी को खोजते हुए गढ़वा आए हैं।
Advertisement
हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मीडिया से किसी भी सवाल का जवाब देने से परहेज किया।
ईडी की टीम के गढ़वा आने से शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और लोगों में ईडी की कार्रवाई को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
क्या है ईडी के नोटिस में :
विशेष न्यायाधीश पीएमएलए रांची प्रभात कुमार शर्मा के न्यायालय से ईसीआईआर-02/2023 में 15 जुलाई 2024 को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 यानी अभियुक्त की उपस्थिति की आवश्यकता वाली उद्घोषणा के तहत नोटिस जारी किया गया है। जिसमें हृदयानंद तिवारी पुत्र गोरख नाथ तिवारी निवासी-42/1, शॉप प्लॉट, पांडव नगर, दिल्ली-110092 एवं स्थायी निवासी उमा निवास, मंगल भवन के पास, कचहरी रोड, गढ़वा, झारखंड 822114 ने पीएमएल अधिनियम 2002 की धारा 3 के तहत दंडनीय अपराध का आरोपित बताया गया है।
Advertisement
पीएमएल एक्ट कोर्ट रांची में उपस्थिति के लिए 25 जुलाई, 2024 को या इस उद्घोषणा के प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया गया है।