गढ़वा जिला में तीसरा दिन हड़ताल जारी है
गढ़वा : झारखण्ड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (समाहरणालय संवर्ग) के कर्मचारियों ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी है। 22 जुलाई 2024 से ये कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और जब तक उनकी न्यायोचित मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
राज्य संघ के द्वारा निम्नलिखित मांगें की गई हैं:
1. ग्रेड वेतन में सुधार: सरकार द्वारा अनुमोदित उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार निम्नवर्गीय लिपिक, उच्चवर्गीय लिपिक, प्रधान लिपिक, कार्यालय अधीक्षक और प्रशासी अधिकारी के ग्रेड वेतन में सुधार किया जाए।
2. पद सृजन: उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार अविलम्ब पद सृजन की कार्रवाई की जाए।
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3. प्रोन्नति: निम्नवर्गीय लिपिक से उच्चवर्गीय लिपिक के लिए प्रोन्नति की कालावधि को 8 वर्ष से घटाकर 4 वर्ष किया जाए। अन्य उच्चतर पदों के लिए भी प्रोन्नति की अवधि में 50% की छूट दी जाए।
4. एमएसीपी की अवधि: एमएसीपी की कालावधि 10 वर्षों से घटाकर 8 वर्ष की जाए और पदक्रम के अनुसार वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाए।
5. पदनामों का संशोधन: लिपिकीय पदनामों में संशोधन कर नए नाम जैसे समाहरणालय सहायक, समाहरणालय वरीय सहायक, मुख्य अनुसचिवीय पदाधिकारी आदि अपनाए जाएं।
6. राजपत्रित पद: कार्यालय अधीक्षक के पद को राजपत्रित पद घोषित किया जाए।
7. उपसमाहर्त्ता परीक्षा: झारखण्ड प्रशासनिक सेवा की 25% मूल कोटि हेतु उपसमाहर्त्ता सीमित प्रतियोगिता परीक्षा की शर्तों को समाप्त कर सभी लिपिकीय कर्मियों को मौका दिया जाए और 50% सीटें समाहरणालय संवर्ग के लिपिकों के लिए आरक्षित की जाएं।
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8. प्रोन्नति और सेवा नियमितीकरण: चतुर्थवर्गीय कर्मियों को बिना परीक्षा के लिपिकीय संवर्ग के 15% पदों पर प्रोन्नति दी जाए। संविदा कर्मियों की सेवा नियमित की जाए और आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवा राज्य सरकार के अधीन की जाए।
9. सेवानिवृति की उम्र सीमा: कर्मियों की सेवानिवृति की उम्र सीमा को 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाए।
झारखण्ड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव कुमार दूबे ने इन मांगों का समर्थन किया है और सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द इन मांगों को पूरा किया जाए, अन्यथा महासंघ द्वारा अन्य आंदोलनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा।