भवनाथपुर (गढ़वा) :सेल के बन्द तुलसी दामर डोलोमाइट खदान खोलने को लेकर राजनीतिक दल सेंक रहे हैं। अपनी रोटी या जल्द खुलेगा खदान इसको लेकर खदान में कार्य करने वाले हजारो बेरोजगार मजदूरो व भवनाथपुर की जनता में संसय बना हुआ है। क्योंकि खदान खोलने को लेकर नेताओ द्वारा तरह तरह के बयानबाजी व राज्य सरकार से लेकर सेल प्रबंधन के बीच हुए मौखिक वार्ता व पत्राचार से अभी तक कुछ भी खदान खुलने की प्रक्रिया साफ दिखाई नही दे रही है।
बताते चले कि 16 फरवरी से अनापत्ति प्रमाण पत्र सेल का समाप्त होने का कारण बना कर गढ़वा खनन विभाग द्वारा ऑनलाईन चालान बन्द होने के बाद से तुलसी दामर खदान बन्द है और हजारो मजदूर भुखमरी के कगार पर विगत सात माह से है।
इस बीच इंटक दुबे गुट पी के चौबे एटक के गणेश सिंह व पलामू खान मजदूर संघ के जीवधन साहू के तत्वधान में खदान खोलने को लेकर धरना प्रदर्शन मजदूरो के साथ किया गया तथा स्थानीय विधायक भानु प्रताप शाही ,सांसद बीड़ी राम व मुख्य मंत्री को लिखित रूप से खदान खोलने की मांग की गई जिसके आलोक में विधायक भानु प्रताप शाही ने सत्र सदन में खदान खोलने को लेकर लिखित व मौखिक मांग रखा था। जिसमे सरकार के द्वारा खदान खोलने की प्रक्रिया चल रही है जबाब दिया गया था।
इस बीच कोरोना काल महामारी में लॉक डाउन लगने से सभी मुद्दे ठंढे बस्ते में डाल दिये गए ।इस बीच अगस्त माह में एक इंटक तिवारी गुट के नव निर्मित यूनियन के द्वारा भी मजदूरो के साथ बैठक कर जोर सोर से बन्द खदान खोलने का दौर जारी है।
यूनियन के द्वारा सेल के उच्च अधिकारियों व मुख्य मंत्री हेमन्त सोरेन से दूरभाष पर वार्ता कर अविलंब खदान खोलने की मांग की चर्चा जोरों पर है। तो वहीं एटक यूनियन के गणेश सिंह के नेतृत्व में जहां एक ओर मजदूर प्रतिनधि गुरुवार 10 सितम्बर को सेल के जीएम संजय सिंह से बैठक के बाद 27 सितम्बर तक खदान खोलने का समय दिया गया है। औऱ दूसरी तरफ एटक यूनियन के द्वारा मजदूरो के छटनी पर भी कुछ शर्तों पर फाइलन सेटलमेंट की बात कही जा रही।
नव निर्मित इंटक तिवारी गुट के नेता माननीय केएन त्रिपाठी के नेतृत्व में नेता कनेहया चौब, सुशील चौबे, पांडे प्रदीप शर्मा, राजेश कुमार एक प्रतिनिधिमंडल के द्वारा 10 सितम्बर को रांची खान सचिव से मिलकर सेल के बन्द खदान पर चर्चा व लिखित मांग पर खान सचिव के द्वारा जो यूनियन को जानकारी दी गई कि सेल के द्वारा अभी तक खदान खोलने की प्रक्रिया में काफी शिथिलता बरती जा रही है कि जानकारी मिलना अपने आप मे संसय की बात है।
इन सभी सरकार, यूनियन व जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया गया प्रयास अभी तक विफल नजर आ रहा है तो दूसरी तरफ सेल के अधिकारियों के द्वारा रटा रटाया जबाब दिया जा रहा है कि सेल के उच्च अधिकारी खदान खोलने को लेकर प्रयासरत है झूठ साबित प्रतीत होता है।