गढ़वा : स्थानीय जीएन कॉन्वेंट प्लस टू स्कूल में पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न क्रियाकलापों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक मदन केसरी और छोटे बच्चों द्वारा विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण कर की गई।
अपने संबोधन में निदेशक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वायु, जल, भूमि या पारिस्थितिकी तंत्र की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करने का अभ्यास है। हाल के दशकों में पर्यावरण पर मानवीय दबाव तेजी से बढ़ा है, जिसके कारण पर्यावरण संरक्षण एक व्यापक मुद्दा बन गया है। वृक्षारोपण ग्लोबल वार्मिंग, मृदा अपरदन आदि को कम करके हमारे पर्यावरण की रक्षा करने में मदद करता है।
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उन्होंने बताया कि पर्यावरण में जितना महत्व मनुष्यों का है, उतना ही अन्य जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों का भी है। प्राणवायु ऑक्सीजन हमें इन वनस्पतियों के कारण ही मिलती है। वैज्ञानिक गतिविधियों और विकास के दौर में बढ़ते हुए औद्योगीकरण और शहरीकरण के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई है।
बढ़ती जनसंख्या और मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है। ओजोन परत का क्षरण इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वनों की कटाई ही पर्यावरण असंतुलन का सबसे बड़ा कारण है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में उपप्राचार्य बसंत ठाकुर, शिक्षक वीरेंद्र साह, मुकेश भारती, अभिषेक पांडेय, नीरज शर्मा, रिजवाना शाहीन, सरिता दुबे, नीलम कुमारी, सुनीता कुमारी, शिवानी कुमारी, संतोष प्रसाद आदि की भूमिका सराहनीय रही।
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इस अवसर पर पेंटिंग प्रतियोगिता, पर्यावरण संरक्षण पर भाषण प्रतियोगिता, जागरूकता अभियान, स्लोगन और काव्य प्रतियोगिता आयोजित की गईं।
भाषण प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान निशा केसरी (क्लास 6), द्वितीय स्थान हिमांशु कुमार (क्लास 5), और तृतीय स्थान अनुष्का कुमारी (क्लास 5) ने प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान स्मृति भाग्यश्री (क्लास 9), द्वितीय स्थान रीति शर्मा (क्लास 9) और अमृतेश राज (क्लास 10), तथा आर्या पांडेय (क्लास 10) ने प्राप्त किया। स्पेशल अवार्ड आदित्य प्रकाश (क्लास 10) को प्रदान किया गया।
सभा के अंत में सभी शिक्षकों को एक-एक पौधा प्रदान किया गया।