गढ़वा : प्रधान जिला जज सह डीएलएसए चेयरमैन राजेश शरण सिंह के सख्त आदेश पर कार्रवाई करते हुए मेराल पुलिस ने चेन्नई से तीन बाल मजदूरों को रेस्क्यू कर उसके माता-पिता को सौंपा।
जानकारी देते हुए डीएलएसए सचिव रवि चौधरी ने बताया कि मेराल के पीएलभी कमालुद्दीन अंसारी ने नाबालिग बच्चों को मजदूरी करने के लिए चेन्नई भेजे जाने की शिकायत की। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के चेयरमैन राजेश शरण सिंह के आदेश पर मेराल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की, जांच के क्रम में पता चला कि 16 .5 2024 को जिले के अलग-अलग गांव के ठेकेदारों के द्वारा दलित एवं आदिवासी बच्चों को को ज्यादा पैसे का लालच देकर और बहला फुसलाकर काम करने के लिए चेन्नई ले जाकर उन्हें बंधक बनाकर मजदूरी कराया जा रहा है।
इस कार्य में बाल कल्याण समिति, तथा मेराल पुलिस की तत्परता से सभी बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जिसमें बिहार और झारखंड सहित अन्य राज्यों के बच्चों को बंधक बनाकर मजदूरी कराया जा रहा था। पुलिस के दबाव से गढ़वा जिले के ठेकेदार वहां से तीनों बच्चों को वापस लाए। शुक्रवार को तीनों बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रणव कुमार सदस्य मनोज कुमार दुबे, राजीव रंजन तिवारी, मुकेश कुमार सिंह, परियोजना समन्वयक राजीव कुमार रवि, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अशोक नायक, बाल संरक्षण पदाधिकारी संस्थागत देख-रेख संजय ठाकुर, पुलिस अवर निरीक्षक अरविंद साव पीएलभी कमालुद्दीन अंसारी, और रेस्क्यू किए गए बच्चों के माता-पिता उपस्थित थे।