भवनाथपुर : सेल के डेम में शुक्रवार को अवैध रूप से जाल लगाकर मछली मरवाने की सूचना पर सेल के भूसम्पदा पदाधिकारी बुलू दीगल ने भवनाथपुर थाना को सूचना देने के बाद पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को जाल टीव्ब और एक कमांडर जीप को जप्त कर थाना लाते हुए जांच पड़ताल में जुट गई है।
घटना के बारे में बताया जाता है कि पलामू के बेलवाटीकर से एक दर्जन मछुवारों को टाउनशिप निवासी अवधेस माली के द्वारा डेम में ठेका मिलने के हवाला देकर मछली मारने के लिए लाया गया था। जहां गुरुवार शाम को डेम में मछुवारों को जाल लगाते कुछ स्थानीय लोगों ने देखा था। इसकी भनक देर शाम सेल के अधिकारी और सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ को लगी। रात्रि में अंधेरा होने के कारण शुक्रवार की सुबह दुबारा लोगों ने देखा की मछुवारे डेम से जाल निकाल रहे थे।
जिसके बाद मछली खरीदने वाले स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने पुलिस की भेजकर सभी मछुवारे को जाल, गाड़ी, टिव्ब के साथ थाना ले आया गया। जहां मछुवारों ने मजदूरी पर अवधेस माली के पास मछली मारने का हवाला दिया। लेकिन इस अवैध रूप से सेल के डेम से मछली मरवाने में एक सेल कर्मचारी की भी दबे जुबान से नाम सामने आ रहा है। हालांकि देर तक इस घटना को लेकर सेल अधिकारी के द्वारा किसी प्रकार की लिखित शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने सभी लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। ग्रामीण के कथना अनुसार एक सप्ताह पूर्व में भी डैम से लगभग चालीस किलो मछली मारकर बेचने का मामला प्रकाश में आया था।
बताते चलें कि सेल के डैम में पूर्व में ठेका के माध्यम से बड़े पैमाने पर कतला, रेहू, सयुर, मछली का कारोबार किया जाता था जिसमे भवनाथपुर से पलामू , यूपी और कोलकाता तक मछली सप्लाई होता था।
परंतु इसके बाद दोबारा सेल के ठेका में रेट हाई हो जाने के कारण टेंडर बंद कर दिया गया है। कुछ स्थानीय लोगों के द्वारा चोरी छिपे मछली निकालने का कार्य होता रहता है। अगर इस मछली मारने के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना घटती है तो इसकी जिमेवारी सेल प्रबंधन को ही लेनी पड़ेगी।