गढ़वा : बरसात से पहले हर वर्ष की तरह पर्यावरण परिवार की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस बरसात में टीम के द्वारा कहां-कहां और किस तरह पौधारोपण किया जाएगा तथा टीम किस तरह जागरूकता कार्यक्रम चलाएगी आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान टीम के सदस्यों के बीच काम का बंटवारा भी हुआ। जिसमें यह तय हुआ कि कुछ सदस्य वैसे सार्वजनिक जगह को खोजेंगे, जहां बाउंड्री वॉल तथा पानी की व्यवस्था हो, कुछ सदस्य नर्सरी से पौधा लाकर स्टोर करने का कार्य करेंगे, कुछ सदस्य चिन्हित जगह पर पौधारोपण से कम से कम 15 दिन पूर्व गड्ढा (1/1 फिट) करवाने का कार्य करेंगे। पौधारोपण के दिन चिन्हित जगह सारे सदस्य रहेंगे तथा आस पास के लोगों को साथ में लेकर वृक्षारोपण का कार्य होगा।
टीम पर्यावरण विषय पर विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसमें शपथ ग्रहण, आम लोगों के बीच पौधारोपण को लेकर जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार, गायन आदि कार्य करते हुए पौधारोपण तथा जल संरक्षण के लिए प्रेरित करेगी।
इस बार मुख्य रूप से आस पास के इलाके में पीपल, बरगद, नीम, आम, आंवला, करंज, अमलतास, गोल्डमोहार, चकुंडी इत्यादि वृक्ष लगाए जायेंगे। इसके अलावे लोगों को घरों में लगाने के लिए आम, आंवला, अमरूद, अनार, नींबू इत्यादि फलदार वृक्ष वितरित किए जायेंगे।
पर्यावरण परिवार का यह प्रयास रहेगा की इस पूरे कार्यक्रम आमलोगों की भरपूर भागीदारी हो, लोग बढ़-चढ़ कर पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा ले, आम लोग वृक्षारोपण और जल संरक्षण के प्रति गंभीर बने।
बैठक में मुख्य रूप से विनोद पाठक, अनंत दुबे, विनय चौबे, डाo पतंजलि केशरी, सुरेश मानस, अलख द्विवेदी, श्रीराम धर दुबे, प्रो कमलेश सिन्हा शैलेश तिवारी, मनोज द्विवेदी, दिनेश चौबे, प्रेम तिवारी, अमित शुक्ला, अन्नु दुबे, मुन्ना दुबे, विपिन तिवारी, गौतम ऋषि, मुनमुन बाबू, अभिमन्यु पाल, देवराज उपाध्या तथा नितिन कुमार तिवारी उपस्थित थे।