रमना : जन वितरण प्रणाली दुकान में अनियमितता का मामला आये दिन ग्रामीणों के द्वारा उठाया जाता है। प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्रवाई भी किया जाता है। सरकार आर्थिक रूप से कमजोर सभी वर्गों के लोगों को राशन मुहैया करती है, ताकि कोई भी परिवार भूखा नहीं रहे। लेकिन चानाकला के लोगों को भी चना ग्राम में ही राशन मिलता था और लोग इसका लाभ भी उठाते थे। लेकिन आज राशन ही राशन लाभुकों के लिए मुसीबत बन गयी है।
इस ग्राम के पीएच के 202 और अन्त्योदय के 56 लाभुकों के लिए राशन प्राप्त करना लोहे के चने चबाने जैसा हो गया है। उक्त सभी लाभुकों को अपने ग्राम से 10-15 किलोमीटर दूर सिलीदाग पंचायत के लक्षित जन वितरण वितरक से राशन लेना पड़ता है। जितना हमलोगों को राशन का मूल्य लगता है, उससे दोगुना वहां के लोगों को आने-जाने में किराया देना पड़ जा रहा है।
पूरा एक दिन समय निकल जाता है। एक माह का राशन लेने में आज हमलोग गत एक वर्ष से ही इस मुसीबत को झेल रहे है।
इस समस्या को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अधिकारियों को भी सूचित किया लेकिन इस पर कोई सामाधन नहीं निकला एक माह के राशन के लिए हमें एक दिन मजदूरी भी छोड़ना पड़ता है। राशन तो मिल जाता है लेकिन मजदूरी छोड़ने से आर्थिक हानि भी उठाना पड़ता है। राशन लेने सिलीदाग लक्षित जन वितरण पहुंचे चना के ग्रामीणों में महिला पुरुष और वृद्ध लोग भी शामिल थे।
आशा कुंवर 67 वर्ष, बचिया कुंवर 65 वर्ष शांति कुंवर 60, सबीना, मिना बीबी, मनित्री देवी, पचिया देवी गीता देवी, शुकनी देवी बसंती देवी, लालती देवी, मंती देवी आदि ने बताया कि हमलोगों को अपने घर से इतने दूर राशन लेने में बहुत परेशानी होती है।
घर में छोटे-छोटे बच्चों के देखभाल और खाना बनाना और घर के काम को छोड़ कर राशन लेने आना मजबूरी और विवशता कारण राशन नहीं लेंगे, तो बाजार से चावल-आटा खरीद कर खा ही नहीं पाएंगे,विवश होकर एतना दूर राशन लेने आना पड़ता है।
ग्रामीण कमलेश पासवान, रुपेश कुमार बैठा, बसारत शेख आदि ने कहा कि एक वर्ष से हमलोग इतनी दूर राशन वितरण होने से लोहे के चना चबा रहे है। आने जाना का किराया 60-100 रु लग जाता हैं। इतना ही नहीं भूखे-प्यासे सुबह में ही घर से राशन लेने के लिए निकल जाना पड़ता हैं। इस सम्बन्ध में प्रमुख करुणा सोनी से बात करने पर पता चला कि इस मामले को हमने सभा में रखा, लेकिन चना में डीलर का नया चयन की मांग ग्रामीणों के द्वारा किया गया। जिसके लिए हमने विभाग को सूचित किया था लेकिन चयन नहीं हो सका।
आचार संहिता समाप्त होते ही प्रथम सभा में इस बात को रखा जायेगा।
इस सम्बन्ध में सीओ सह एमओ वासुदेव राय ने कहा कि यह मामला कब का है, मेरे जानकारी में नहीं हैं। लाभुक द्वारा लिखित आवेदन देने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।