रंका : रंका प्रखंड के कटरा पंचायत के वरवाही ग्राम के चरक पथरी टोला के लोग पिछले 10 वर्षों से पीने के पानी की समस्या से जुझ रहे हैं। यहां के लोगों को ना तो सरकार के द्वारा पानी के लिए एक भी चापाकल लगाई गई है और ना ही एक भी शौचालय का निर्माण किया गया है। 50 घरों के आदिम जनजातीय बहुल टोले में 1967 के अकाल के समय का बाबा रणछोड़ दास सेवा मंडल की ओर से बनवाया गया पुराना कुआं है, जिसके सहारे 600 लोगो को पीने का पानी मिल पाता है। नहाने धोने और मवेशियों के लिए ग्रामीण आपसी श्रमदान से दो कच्चा भटकुंआ खोदे हैं उसी से काम चलता है। इस जीवनदायिनी कुंए की स्थिति है कि न जाने पानी भरते कब धंस जाए।
शकुंतला तिर्की, फुल कुमरिया देवी, लालती देवी, रानी देवी, लक्ष्मीनिया देवी, जासो देवी, संतोषी देवी, मुनिया देवी, तनुजा तिग्गा, मंजू कोरवा, नीलू तिग्गा, शीला कुजूर, हेमा मकड़ी सहित कई महिलाओं ने बताया कि इसके मरम्मत के लिए हमलोगों ने कई बार ग्राम सभा में आवाज उठाई, पंचायत की मुखिया बीडीसी सभी से गुहार लगाई किंतु आजतक पुनर्निर्माण या मरम्मत नहीं की गई।
इस गांव में हमारे पूर्वज सैकडों वर्ष से रह रहे हैं । इस टोले में मात्र एक आंगनवाड़ी सेंटर में चापाकल है जो बस्ती से काफी दूर है और अप्रैल से जुलाई तक पानी नहीं देता है।
महिलाओं ने बताया कि पहले यह कुआं कभी नहीं सुखता था किंतु पिछले दो-तीन सालों से पानी काफी कम हो जा रहा है। सूखने के कगार पर हो जाती है जिससे हम लोगों को पानी निकालने के लिए उनमें में उतरकर गड्ढा खोदना पड़ता है जिससे हम लोग पानी निकाल कर पीते हैं हम लोगों को परेशानी को कोई सुनने वाला नहीं है यदि हम लोगों के घरों के पास कोई चापाकल लगा दिया जाता तो पेयजल की समस्या हम लोग दूर हो सकती थी। हम लोगों को गर्मी के दिनों में इधर-उधर पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। साथ ही सरकार के द्वारा बहुप्रचारित शौचालय योजना का भी लाभ नहीं मिला है।
इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जेई महावीर प्रसाद ने पूछे जाने पर बताया कि पहले गांव तक बोरिंग गाडी जाने लायक रोड नही होने से बोरिंग नही हुआ। अब जाकर देखूंगा कि रास्ता कैसा है तो चापाकल की व्यवस्था की जा सकती है। शौचालय की क्या स्थिति है यह रिकार्ड देखने पर बता पायेंगे।
इस संबंध में बीडीओ देवानंद राम ने कहा कि मैं पिछले दिनों बरवाही गया और एक एक समस्या के समाधान के लिए कार्य योजना पर काम शुरु कर दिया हूँ। 16वें वित्त आयोग और पंचायत राज रिवर्स फंड से दो चापाकल तुरत लगाया जा रहा है और शौचालय संबंधी रिपोर्ट काॅर्डिनेटर से मांगा गया है। जल्द ही उस कूप के मरम्मत की भी व्यवस्था पंचायत के फंड से कर लिया जायेगा।