रंका : अनुमंडल मुख्यालय रंका शहर का ऐतिहासिक महत्व है। इसकी पहचान रंका राज परिवार से कभी थी। इस रंका शहर के बीचो बीच में पुल नदी है। जो कभी रंका की लाइफ लाइन हुआ करती थी। क्योंकि यहां के लोग इसी नदी में स्नान ध्यान हीं नहीं करते थे, अपितु इस नदी के निर्मल जल से भोजन भी पकाते थे। मगर प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह नदी पिछले कई वर्षों से कूड़ेदान में तब्दील हो गया है।
हालत यह है कि शहर के मीट मुर्गा दुकानों का अवशेष हो या बाजार क्षेत्र के लोगों का घर का कूड़ा, सारा कुछ इसी नदी में फेंक कर इसे कूड़ेदान में तब्दील कर दिया गया है। लिहाजा रंका शहर की लाइफ़ लाइन यह नदी अब अपने अस्तित्व को खोने के कगार पर है। हालत यह है कि नदी में इतनी गंदगी है की बरसात के इस मौसम में भी नदी के पानी से हाथ पैर भी धो पाना संभव नहीं है।