प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पंद्रह दिन में तीसरा फैसला, हत्याकांड के अभियुक्तों को लगातार मिल रही है सजा
गढ़वा : प्रधान जिला जज राजेश शरण सिंह की अदालत ने अपनी ही पत्नी की गला काटकर हत्या करने वाले अभियुक्त मेराल थाना अंतर्गत बनुवा ग्राम निवासी पति योगेंद्र सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने ₹20000/- का आर्थिक दंड भी लगाया है। घटना 3 जुलाई 2021 की है।
भंडरिया प्रखंड के सालो - कटझारी जंगल में घटनास्थल पर ही प्राथमिकी दर्ज कराते मृतिका कांति देवी के पिता भंडरिया थाना के बडगड टोला महुआ टिकर निवासी सूदन सिंह ने आरोप लगाया था कि वह अपनी बेटी कांति देवी की शादी 8 वर्ष पूर्व थाना मेराल के बनुवा ग्राम निवासी योगेंद्र सिंह के साथ किया था।
जिससे दो बच्चे हैं। 7वर्ष पूर्व उसका दामाद योगेंद्र सिंह ससुराल में मारपीट कर उसकी बेटी की पसली तोड़ दिया था। इसके बाद वह अपनी बेटी को उसके ससुराल से लाकर अपने गांव बडगड टोला महुआ टिकर में रखा और गढ़वा कोर्ट में दामाद योगेंद्र सिंह पर मुकदमा किया था। उस मामले में सुलह समझौता के बाद दोनों साथ में बडगड में रहने लगे।
घटना से 10 दिन पूर्व भी दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ था। बीच-बचाव के बाद दोनों में सुलह हुई और वे साथ रहने लगे। घटना के दिन सुबह 5:00 बजे कांति और योगेंद्र सिंह टांगी और रस्सी लेकर जंगल के लिए निकले। पूछने पर बताया कि मवेशी का शेड बनाने के लिए जंगल में लकड़ी लेने जा रहे हैं। काफी समय बाद जब दोनों घर नहीं लौटे, तब वह अपनी पत्नी प्रमिला देवी के साथ 9:30 बजे जंगल में गया।
काफी खोजबीन के बाद जब दोनों नहीं मिले तो वापस घर आ गया। कुछ देर के बाद दामाद योगेंद्र सिंह ने अपने मोबाइल से उसके साल दशरथ सिंह के मोबाइल पर फोन कर बताया कि डिंपल ( साला की बेटी ) ने कांति की हत्या कर सालों के काटझारी जंगल में महुआ के पेड़ के बगल में छोड़ दिया है।
घटना सुनकर वह गांव वालों के साथ जंगल में जाकर देखा कि तेज हथियार से कांति देवी का गला काट कर हत्या किया गया है। उसने नामजद अभियुक्त बताते आरोप लगाया कि उसका दामाद योगेंद्र सिंह ने ही उसकी बेटी की गला काटकर हत्या किया है। इस मामले में भंडारिया पुलिस ने अभियुक्त योगेंद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट समर्पित किया था।
अभियुक्त ने स्वीकारोक्ति बयान में दोष स्वीकार करते कहा था कि उसकी पत्नी कांति देवी का अन्य समुदाय के लड़कों के साथ अवैध संबंध था जिसके कारण क्रोधित हो कर घटना के दिन टांगी से उसकी गला काटकर हत्या की है।
अदालत ने आठ गवाहों, साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट इन क्वेस्ट रिपोर्ट, स्वीकारोक्ति बयान सहित अन्य दस्तावेज के आधार पर दोषी पाते अभियुक्त पति योगेंद्र सिंह को भादवि की धारा 302 के तहत उम्र कैद की सजा और ₹20000 आर्थिक दंड, वहीं भादवि की धारा 201 के तहत 7वर्ष का सश्रम कारावास और 10000 रुपया आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी।
इस मामले में अभियुक्त घटना के दिन से ही गिरफ्तारी के बाद से सलाखों के पीछे है।