श्री बंशीधर नगर : जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विजय कुमार पांडेय ने विद्यालय पहुंच पूरे मामले की जांच किया। जांचोपरांत विजय कुमार पांडेय ने माना कि गड़बड़ी हुई है। मामले की जांच प्रतिवेदन वरीय पदाधिकारी को सौंपा जाएगा।
बताते चलें कि गत वर्ष दिसंबर माह में शिक्षा विभाग की ओर से उत्क्रमित उच्च विद्यालय गरबांध को विद्यालय विकास मद में 75,000 रुपये व खेल मद में 25,000 रुपये कुल 1,00,000 रुपये आवंटित किया गया था। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अर्चना कुमारी के द्वारा विभाग से पैसा मिलने से पहले ही फर्जी वाउचर के साथ पैसे की उपयोगिता प्रमाण पत्र बीआरसी कार्यालय में जमा कर दिया गया।
जबकि ना तो विद्यालय का रंग रोगन किया गया, ना ही विद्यालय में बच्चों को पीने के लिए पेयजल तथा बिजली है और ना ही खेल सामग्री का क्रय ही किया गया है। विद्यालय में साइंस लैब भी अवस्थित है।
बताया जाता है कि विकास मद की राशि का फर्जी वाउचर पास कराने में बीआरसी में पदस्थापित एक कर्मी का अहम रोल होता है। तभी तो आंख मूंदकर संबंधित कर्मियों के द्वारा वाउचर पास कर दिया जाता है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले की समुचित जांच करने का निर्देश प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को दिया। बीईईओ ने विद्यालय पहुंच सभी अभिलेखों की जांच कर प्रधानाध्यापिका से पूरे मामले की जानकारी लिया। मामला प्रकाश में आने पर प्रधानाध्यापिका ने वाउचर देने वाले दुकानदारों को फोन कर विद्यालय में सामान भेजने का अनुरोध करने लगी, जिससे दुकानदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है।