मझिआंव :
: महाशिवरात्रि के मौके पर मझिआंव एवं बरडीहा प्रखंड के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी,जिसमें मझिआंव के चंद्री शिवालय मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, नवनिर्मित देवी मंदिर,शिव मंदिर ,मोरबे शिवाला मंदिर,तथा बरडीहा प्रखंड के बरडीहा श्रुंगारी टोला मंदिर, जतरो-बंजारी के मारें गुरु मंदीर सहित अन्य मंदिरों में महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी ,तथा पूजा पाठ किया गया,वही महिलाओं एवं कुमारी कन्याओं के द्वारा शिव एवं माता पार्वती की पुजा अचॅना की गई, जिससे वे सभी अपनी मनवांछित आशीर्वाद की कामना कीं
वहीं बरडीहा सिंगारी टोला स्थित शिवाला मंदिर में पास दिवसीय चल रहे हैं शिव पुराण की प्रवचन जो 4 माचॅ से 8माचॅ तक पांच दिवसीय प्रवचन का अंतिम दिन भी जारी रहा,जहां वृंदावन से आए हुए विद्वान सवाॅ नंद जी महाराज के द्वारा शिव पुराण की कथा श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि के दिन सुनाया, जिसमें राजा दक्ष के द्वारा माता पार्वती को बिना बुलाए जाने पर उनके पिता दक्ष के द्वारा उन्हें अपमानित किया गया ,जिससे माता पार्वती को भारी अपमानित होकर अग्नि में कूद कर शती होने की कथा सुनाई।
जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालु इस प्रवचन को श्रवण कर अपने आप को पुण्य की भागी बन रहे हैं।वहीं रामायण के विद्वान रपुरा निवासी लव कुमार पांडेय के द्वारा शाम को रामचरितमानस का प्रवचन सुनाया गया।वहीं जतरो-बंजारी मारें गुरु मंदीर में भी काफी संख्या में लोगों की भीड़ लगी हुई थी।
इस मौके पर पुजा कमेटी के अध्यक्ष रामदेव विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष सह मंदिर सेवक उमेश प्रजापति,मिथलेश प्रजापति, प्रदीप तिवारी दीपक प्रसाद ओमप्रकाश विश्वकर्मा गौतम विश्वकर्मा बासुकीनाथ विश्वकर्मा भोला विश्वकर्मा महेंद्र पाल शिवकुमार पाल महेंद्र यादव करण प्रजापति जितेंद्र प्रजापति सुदामा यादव ,सहित काफी संख्या में शिव भक्तों के द्वारा पांच दिवसीय शिव पुराण में रात दिन एक करते हुए सराहनीय कार्य किया।
इस मौके पर मझिआंव में शिव बराती का जुलूस भी निकाली गई जो राधा- कृष्ण मंदिर के महंत केशव नारायण दास के नेतृत्व में निकाली गई।जो मंदीर से चलकर पुरे शहर में घुमाया गया ।जिसमें बसहा बैल पर सवार शंकर भगवान के शक्ल में बनकर जुलुस पुरे गाजे-बाजे के साथ शहर में घुमाया गया ,तथा जय श्री राम ,हर -हर महादेव से पूरा इलाका गंजाय मान रहा। जिसमें भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।