भवनाथपुर : [31/01, 5:27 pm] Vivekanand: संबद्ध डिग्री महाविद्यालय महासंघ के नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय इकाई की ओर से महासंघ के पदाधिकारी द्वारा तीन दिवसीय दौरा कॉलेजों का पदाधिकारी के द्वारा किया गया।

इस दौर में शामिल महासंघ के अध्यक्ष विवेकानंद उपाध्याय महासचिव बंशीधर सिंह तथा कोषाध्यक्ष आलोक कुमार पाठक के द्वारा बनवारी शाहू महाविद्यालय लातेहार मजदूर किसान महाविद्यालय डंडार कला पांकी, एके सिंह कॉलेज जपला बीएसएम महाविद्यालय भवनाथपुर तथा एसपीडी कॉलेज गढ़वा में दौरा किया गया। इस क्रम में उक्त महाविद्यालय के कर्मियों ने एक स्वर से संघगटनात्मक मजबूती के लिए सभी कॉलेजों की ओर से सामूहिक प्रयास करने पर सहमति जताई गई साथ ही निर्णय लिया गया कि महासंघ द्वारा जो 2019 से ग्यारह सूत्री मांग किया जा रहा है उस मांग पर अब तक विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा सकारात्मक पहल नहीं किया जाना खेद का विषय है इस मामले को लेकर महासंघ की ओर से पुनः एक बैठक कर आंदोलनात्मक रणनीति बनाने पर सहमति जताई गई।
इस दौरान विशेष रूप से अब तक संबद्ध महाविद्यालय को सिंडिकेट में प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने पर कालेज कर्मियों ने असंतोष जताया तथा कहा कि इस दिशा में सकारात्मक पहल करने के लिए महासंघ की ओर से विश्वविद्यालय पर दबाव दिया जाएगा ।कर्मियों ने इस दौरान विश्वविद्यालय द्वारा उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन कार्य प्रश्न पत्र चयन कार्य की बकाया राशि की भुगतान कराने की मांग की गई। साथ ही इनविजीलेटर होल्टेज आदि में वृद्धि करने की मांग की गई। महाविद्यालय के भिजीट के दौरान
बीएसएम कालेज के प्रार्चाय आर पी शुक्ला प्रोफेसर ब्रज बिहारी सिंह, सुरेन्द्र चन्दवंसी स्कन्द कुमार भारती अफजल जी उमेश पाठक जी अनेश कु सिंह चन्द्र भूषण चौबे शिक्षेत्तर कर्मचारी श्री लक्षमण बैठा राजेश कुमार लल्लू ठाकुर इत्यादि महाविद्यालय के सभी कर्मी उपस्थित हुए।

जबकि एके सिंह महाविद्यालय जपला के प्राचार्य एवं महासंघ के संरक्षक सूर्यमणि सिंह प्रोफेसर अशोक सिंह संगठन सचिव डा आलोक कुमार मजदूर किसान महाविद्यालय डंडार कला पांकी के प्राचार्य तथा महासंघ के संरक्षक डॉक्टर दिलीप राम राजीव कुमार एसपीडी कॉलेज गढ़वा में प्रसाद महासंघ के संरक्षक प्रोफेसर निकल चौबे प्रोफेसर अरुण कुमार तिवारी प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार पांडे प्रोफेसर परवेज आलम प्रोफेसर केबी अंसारी प्रोफेसर अर्जुन कुमार मेहता लेखा सहायक सचिन कुमार चौबे आदि ने अपने-अपने विचार रखें।