बंशीधर नगर :
-श्री श्री ठाकुर अनुकूलचन्द्र जी के अनुयायियों द्वारा जंगीपुर ग्राम स्थित सत्संग उपासना केंद्र उर्जितपा के प्रांगण में सत्संग का आयोजन किया गया.
सत्संग का शुभारंभ बन्देपुरुषोतम ध्वनि,शंख ध्वनि के साथ दीप प्रज्वलित कर किया गया.इसके बाद समवेत प्रार्थना,समवेत नाम जप,सत्यानु शरण ग्रंथ,नारी नीति ग्रंथ,अनुश्रुति ग्रंथ,शाश्वती ग्रंथ का पाठ किया गया.धृतिसुन्दर लाल,डॉ कृति सुन्दर लाल व उपस्थित सत्संगी वृन्द द्वारा भक्ति मूलक भजन प्रस्तुत किया गया.इष्टचर्चा करते हुये ऋत्विक विजयनन्दन सिन्हा ने कहा कि सभी जीव ईश्वर के संतान है,इसलिये सभी जीवों में हम सबों को श्री श्री ठाकुर जी ही दिखलाई देना चाहिये.सत्संगी शक्तिदास सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक युग मे भगवान का अवतार नर रूप में होता है,जिनका एक विशेष नाम होता है.उस नाम का जप करने से मनुष्य का उद्धार होता है.इस नाम जप को श्री श्री ठाकुर जी ने यजन की संज्ञा दी है.उन्होंने कहा कि अपने ईश्वर य गुरु की गाथा दूसरे के साथ वर्णन करना याजन है.यजन-याजन करने से मनुष्य के अंदर भक्ति जागृत होता है.डॉ कृति सुन्दर लाल ने कहा कि सच्चा मानव वह है जो श्री श्री ठाकुर जी के आदेशों का पालन करते हुये दूसरे जीवों से प्रेम करता है.हमेशा अन्य जीवों का कल्याण करता है.सच्चा व्यक्ति अपने मुख से निकले वचन को नियंत्रित रखता है.ऋत्विक धृतिसुन्दर लाल ने सात्वति पत्रिका में वर्णित श्री श्री ठाकुर जी के गुणों का वर्णन करते हुये कहा कि श्री श्री ठाकुर जी सभी जीवों को अपना समझते थे तथा सबों के सुख दुख के बारे में पूछते थे.सत्संग में संजय दा,अजय दा,प्रत्यूष कुमार,आयुष कुमार,आदित्य कुमार,धृतिदीप्त,अनिता देवी,चंचला गुप्ता,प्रमिला देवी,रीना देवी,दीप माला,मधु,पूजा सहित अन्य उपस्थित थे.