मझिआंव :
सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में मिले अबुआ आवास की जांच के बाद सक्षम व्यक्तियों को आवास देने एवं हकीकत व्यक्ति को आवास की सूची में नाम नहीं देने के विरोध में पुरहे पंचायत बोदरा पंचायत एवं खरसोता पंचायत के दर्जनों लाभुकों के द्वारा बुधवार को ब्लौक का घेरा किया
इस दौरान दोनों पंचायत के दर्जनों लाभुकों ने लिखित आवेदन बीडीओ को देकर घर विहीन लोगों को आवास दिलाने की मांग की है। की मांग है। अबुआ आवास की सत्यापन कार्य में भेदभाव बरते जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। इधर इस संबंध में कामत गांव के ग्रामीण प्रमिला देवी, गीता देवी, अनीता देवी, सरोज देवी, पूजा देवी, संजू देवी, मुन्ना देवी, चमेली देवी, सुरजी देवी, सुनीता देवी एवं पुरहे पंचायत के पूरहे गांव के मनीष कुमार, शरीफ अंसारी, नीतीश कुमार, संतोष पासवान, नसीफा बीबी, मुबारक अंसारी, कुरैसा बीवी, मोहम्मद अंसारी, मनीष कुमार रजक, एवं खरसोता पंचायत के उदय यादव अनुज कुमार यादव सूर्यदेव कुमार यादव मुकेश यादव शिवनाथ यादव श्यामनाथ यादव सहित तीनों पंचायत के कई ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन दिया है।
साथ ही सभी लाभुकों ने यह भी बताया कि कुछ वैसे लाभुक हैं जिन्हें शादी भी नहीं हुई है उसके नाम पर आवास दिया गया है,इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि अबुआ आवास की जांच प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती गई है।सभी ने बताया कि हम सभी गरीबों को इस योजना से वंचित किया जा रहा है। इसके बावजूद भी प्रखंड कार्यालय के द्वारा गठित जांच के प्रतिनियुक्ति कर्मियों द्वारा सुखी- संपन्न परिवारों को आवास का लाभ देने के लिए स्पेशल सूची तैयार की गई है। यहां तक की दर्जनों ऐसे लोग हैं। जिन्हें पूर्व में भी आवास का लाभ दिया जा चुका है। कहा की जांच प्रक्रिया में रिश्वत का खेल खेला गया है। जो रिश्वत दिया उसी का नाम सूची में शामिल किया गया है। बताया कि झारखंड सरकार के द्वारा अबुआ आवास योजना को शुरू करने का ऐलान किया गया है।
जो वास्तविक गरीब परिवारों को हर हाल में इसका लाभ दिया जाना है। लेकिन जांच दल द्वारा गरीब परिवारों को दरकिनार करते हुए सुखी संपन्न परिवारों को सूची में नाम जोड़ने का काम किया गया है। कहा की जांच प्रक्रिया में दोबारा जांच नहीं करवाई जाती है तो इसकी शिकायत जिला उपायुक्त से की जाएगी। बताते चले की प्रखंड कार्यालय द्वारा गठित जांच टीम में लगभग 35 कर्मियों को लगाया गया था।इधर इस संबंध में पूछे जाने पर पुरहे पंचायत के मुखिया शंभू पासवान एवं बोदरा पंचायत की मुखिया पुनम सिंह ने बताई कि प्रखंड कार्यालय के द्वारा जांच कराई गई है। दोनो मुखिया द्वारा स्पष्ट बताया गया कि अगर जांच प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी हुई है तो ऐसी स्थिति में गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
और वास्तविक लाभार्थियों को लाभ दिया जाएगा।
इस संबध में बीडीओ शतीश भगत ने बताया कि ग्राम सभा करने के बाद 8 जनवरी तक का समय दिया गया है,यह सूची फाइनल नहीं हुआ है,पुनः जांच कर वास्तविक लाभुकों को ही आवास दिया जाएगा ,तथा आवास में पैसे का लेन-देन करने की शिकायत पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी एवं अन्य लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।