भवनाथपुर : वनसानी पंचायत भवन और हाई स्कूल झगराखांड़ में आयोजित हुए निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ पुरणेंदु विमल द्वारा 175 मरीजों का निःशुल्क जांचकर दवा दी गई। साथ ही जिन मरीज को ऑपरेशन की आवश्यकता थी,उन्हें मेराल स्थित रौशनी अस्पताल में बुलाया गया,ताकि उनकी आंखों की रौशनी ऑपरेशन के पश्चात लौटाया जा सके।
मौके पर स्वास्थ्य विभाग के विधायक प्रतिनिधि सतीश कुमार पाठक ने बताया कि भवनाथपुर विस क्षेत्र में आंखों के मरीजों का घर बैठे इलाज हो सके,जिसके लिए विधायक भानु प्रताप शाही की पहल पर पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर आंख के मरीजों की जांच नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर पूर्णेन्दु विमल जो राँची के आई कश्यप हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर सहित अन्य अस्पतालों में अपनी सेवा प्रदान करते हैं उनसे जांच कराकर दवा दिया जा रहा है।
मौके पर स्वास्थ्य विभाग के जिला विधायक प्रतिनिधि सतीश कुमार पाठक,भाजपा नेता निरंजन पाठक, हाई स्कूल के प्राचार्य मिथिलेश दुबे,वरुण सिंह,अमित कुमार सिंह,घनश्याम गुप्ता,रामाश्रय पाल,जनक राम सहित लोग उपस्थित थे।

भगवान सूर्य की उपासना का महापर्व छठ पूजा शुक्रवार को नहाय-खाय से शुरू हो गया। 18 नवंबर को खरना, 19 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य और 20 को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ चार दिनों के पर्व का समापन होगा।
चार दिवसीय छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दुकानों पर खरीदारों की भीड़ जुटने से बाजारों में रौनक दिखने लगी है। शहर से लेकर गांवों तक घाटों व पोखरों की साफ-सफाई होने लगी है। दउरी बनाने वाले युद्ध स्तर पर जुटे हैं।
व्यापारी विभिन्न प्रकार के फलों को मांगा रहे हैं। प्रखंड के केतार मोड़, खरौधी मोड़, भवनाथपुर बाजार, टाउनशिप चौक समेत आस पास के इलाको के बाजार सज गए है। लोग पूजा के लिए छोटी से छोटी सामग्री जुटाने लगें है। छठ पूजा के लिए कोसी, पीतल या बांस का सूप, दउरा, साडी, नारियल, फल सहित कई सामान की खरीदारी होने लगी है।
शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विजय पांडेय के द्वारा शुक्रवार को प्रखंड क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। बीईईओ ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय घाघरा, प्रा वि झुमरी, मध्य विद्यालय अरसली, उच्च विद्यालय बनखेता, एनपीएस बैगाडीह, उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेरवाडीह, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पनियाही, प्राथमिक विद्यालय लंगड़ी विद्यालय का निरीक्षण कर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को विद्यालय में एमडीएम मेनू के अनुसार संचालित रखने, प्रयास कार्यक्रम, रेल प्रोजेक्ट, खाता आधार, गुणवतापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने का निर्देश दिया ।