मेराल : भारतीय आदिम जनजाति विकास परिषद, भारतीय भुईयां विकास परिषद, भारतीय बुनियादी विकास मंच,वन अधिकार परिषद, भारतीय आदिवासी विकास परिषद,तथा झारखंड जन संघर्ष मोर्चा, द्वारा संयुक्त रूप से वन भूमि, वन पट्टा सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर गुरुवार को मेराल प्रखंड मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया तथा रैली निकाली गई।

रैली एवं धरना प्रदर्शन में मेराल प्रखंड सहित गढ़वा जिले के विभिन्न गांव से बड़ी संख्या मे महिला पुरुष शामिल थे जिन्होंने मेराल हाई स्कूल से लेकर बस स्टैंड रैली आयोजित करने के बाद प्रखंड कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया तथा कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल के नाम बीपीआरओ वसंत पांडे को 18 सूत्री मांग पत्र सोपा।
रैली में शामिल लोगों ने कहा कि सरकार के उपेक्षित रवैया के कारण गरीबो को उनका हक एवं अधिकार नहीं मिल पा रहा है। आदिम जनजाति परिषद के सचिव उमेश परिया ने कहा कि वन विभाग द्वारा गरीबों के जगह पर बिचौलियों को वन पट्टा दिया जा रहा है तथा लोगों को झूठे केस में फसाया जा रहा है। मुख्य अतिथि नरेश कुमार भुईयां ने कहा कि भूमि बैंक में रखी गई 2057000 एकड़ जमीन को गरीब मजदूर किसान तथा दलितों को रसीद उपलब्ध कराई जाए। भारतीय भुइयां विकास परिषद के केंद्रीय प्रवक्ता सहबीर भुइंया ने सरकार से गरीब दलित आदिवासी तथा भूमि परिवार को चिन्हित कर वन पट्टा देने की मांग की। विजय कोरवा ने वन अधिकार अधिनियम 2006 तथा 2008 के तहत वन पर आश्रित परिवार को वन पट्टा देने एवं आदिम जनजाति तथा आदिवासी मजदूर किसान को जल जंगल जमीन से बेदखल करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
मंगरी देवी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। सरकार गरीब किसान आदिवासी तथा जरूरतमंदों को चिन्हित कर सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराए। राज्यपाल के नाम सौंप गए मांग पत्र में राशन वितरण घोटाले की जांच कर डीलर एवं एम ओ पर कार्रवाई करने,सभी प्रकार के पेंशन को 1000 से बढ़कर ₹5000 करने, मनरेगा मजदूर की मजदूरी 276 से बढ़कर₹800 प्रतिदिन करने, आदिम जनजाति महिलाओं का पेंशन 1000 से बढ़कर 5000 करने, भुइंया जाति का महा बोर्ड का गठन करने, वन पर आश्रित परिवार को वन पट्टा देने आदि मांगे शामिल है। धरना प्रदर्शन में शांति देवी मंगरी देवी नरेश कुमार भुइंया विजय कोरवा जगदीश सिंह खरवार बासमती देवी विनोद सिंह भूलन परहीया सुचिता सिंह उमेश परहिया कृष्ण परहिया जितेंद्र परहिया चिंता देवी ललिता देवी अनीता देवी मानमती देवी प्रमिला देवी मीना देवी कृष्णा राम भुइंया बाबूलाल कोरबा गणेश भुइंया सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।