मझिआंव :
बरडीहा प्रखंड के बरडीहा एवं जिका गांव के किशान मित्र उपेन्द्र विश्वकर्मा के द्वारा किसानों से पंजीकरण के नाम पर प्रति किशान से 100 रु लेने का मामला प्रकाश में आया है।
इस संबंध में किशान ब्रजेश प्रजापति, बिरेन्द्र प्रजापति, वार्ड सदस्य प्रमिला देवी, एवं कमलबसिया देवी, विश्वनाथ प्रजापति, नंदू यादव राजेन्द्र शर्मा, संतोष रजवार तथा विक्रमां पाल सहित अन्य कई किसानों ने बताया कि किशान मित्र के द्वारा रजिस्ट्रेसन के नाम पर सभी किसानों से 100रु लिये जा रहे हैं,जो समय- समय पर कभी बीज के नाम पर, कभी केसीसी ऋण दिलाने के नाम पर, तो कभी पंप के नाम पैसों की उगाही की जाती है।जिन किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का किस्त नहीं आता है उसे लाभ दिलाने के नाम पर भी बड़ी रकम की वसुली की जा रही है।
जब इस मामले में में किशान मित्र उपेन्द्र विश्वकर्मा से पूछा गया तो उनके द्वारा स्वीकार करते हुए कहा कि वे किसानों से पैसा लेते हैं, उनके द्वारा स्पष्ट किया गया कि अपनी जीवकोपार्जन के लिए किसानों से पैसा ली जाती है।
इधर किशान मित्र की कार्यप्रणाली से तंग आकर किसानों द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की जांच करते हुए उक्त किशान मित्र को हटाकर नए किशान मित्र की बहाली करने की मांग की गई है।एक तरफ झारखंड सरकार की ओर से किशानो को कैंप लगाकर केसीसी ऋण देने में लगी है, तथा किसानों को अन्य सुविधा दे रही है वहीं दूसरी तरफ किसान मित्रों के द्वारा किसानों को आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
ईश्वर इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी निधि रजवार ने बताई कि अभी तक लिखित सूचना की जानकारी नहीं है,हो सकता है कि कार्यालय में दिया गया होगा,जांचों उपरांत कार्रवाई की जाएगी।