भवनाथपुर :
सरकार जिस उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्र को संचालित कर रही है वो उद्देश्य प्रखण्ड बालविकास परियोजना के सम्बन्धित विभाग के लोंगो के मिलीभगत से पूरा नही हो रहे हैं। आपको बता दे कि प्रखण्ड कार्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पनियाही टोला बुका के आंगनबाड़ी केंद्र खुला भी नही है जब की सेविका मंजू देवी ने बताया कि साफ सफाई करना है इसलिए बच्चों को पहले ही छूटी कर दिए।
जब कि एक अन्य प्रखण्ड कार्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित भुइयां टोला के आंगनबाड़ी केंद्र में 11:30 बजे तक बच्चों को न तो अल्पाहार मिला था न ही भोजन। सेविका उपस्थित भी नही थी। बच्चे पेड़ पर चढ़ कर खेल रहे थे। वहाँ उपस्थित सहायिका प्रमिला देवी ने बताया कि सेविका आशा देवी के दांत में दर्द था इसलिए अस्पताल में गई है।
जब बच्चों को भोजन देने की बात पूछा गया तो कुछ भी स्पष्ट नही बताते हुए कभी बोली कि हलुआ बनाएंगे तो कभी बोली कि खिचड़ी बनाएंगे। यह मामला सिर्फ भवनाथपुर पँचायत ही नही लगभग अन्य पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र बन्द रहने या लेट लतीफी केंद्र खुलना आम बात हो गई है ।वन्ही देखा जाय तो किसी केंद्र में भी 15 से अधिक बच्चे की उपस्थिति नही मिलती है ।
जब कि इस संबंध में पूछे जाने पर महिला पर्यवेक्षिका रिंकी कुमारी ने बताया कि अभी हम खरौंधी में हैं मुझे इसकी जानकारी नही है कि पनियाही आंगनबाड़ी केंद्र बंद है तो वही भुइयां टोली के सेविका तबीयत खराब होने के कारण मौखिक रूप से छूटी में है।

भवनाथपुर
संकुल संसाधन केंद्र अंतर्गत भवनाथपुर प्रखंड के एक डेढ़ दर्जन से अधिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने हेतु बर्तन का क्रय नही किया जा सका है।
जबकि उक्त सामग्री की खरीदारी के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में राशि का भुगतान विभाग द्वारा विद्यालय प्रबंधन की खाते में किया जा चूका है। वहीँ सूत्रो की माने तो विद्यालय प्रबंध समिति व विभाग के बीच खींचातानी के चलते अभी तक दर्जनों विद्यालय में मध्याह्न भोजन के लिए उपयोग में आने वाली बर्तनों की क्रय में देरी हो रही है। जिन विद्यालयों में बर्तनों का क्रय नही हुआ है, उन विद्यालयों मे अविलंब सामग्री की क्रय हेतु 9 नवम्बर को बीआरसी कार्यालय में संबंधित विद्यालयों के एचएम उपस्थित होकर जनसुनवाई में भाग लेंगे।