whatshotDeveloped by : O2OSELL.COM
💗 27262279
Loading...


प्रवचन सुनने पर उसे जीवन में उतारने का प्रयास करनी चाहिए:- जीयर स्वामी

location_on बंशीधर नगर access_time 25-Sep-23, 05:54 PM visibility 673
Share



प्रवचन सुनने पर उसे जीवन में उतारने का प्रयास करनी चाहिए:-  जीयर स्वामी


दिनेश पांडेय check_circle
संवाददाता



बंशीधर नगर : स्वामी जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा की प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में सत्संग करना चाहिए क्योंकि यह धरती पर ही संभव है यह स्वर्ग में भी संत दर्शन करने को नहीं मिलता और ना ही भागवत कथा सुनने को मिलता है यह दुर्लभ मानव योनि मिलने के बाद व्यक्ति को अपना जीवन सत्कर्म में लगाना चाहिए अच्छे कर्मों में लगाना चाहिए जीभ के स्वाद के लिए दूसरे जीव को मार कर नहीं खाना चाहिए क्योंकि व्यक्ति भी उस योनि से होकर आया है । उन्होंने कहा कि सत्संग के दौरान जो संत वाणी व्यक्ति सुनता है प्रवचन सुनता है उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए अगर 10 बातें सुनता है उसमें दो बातें भी अगर जीवन में सफलता पूर्वक ग्रहण कर लिया है तो समझ की जीवन धन्य हो गया लेकिन रोज प्रवचन सुने और रोज गलत काम करें रोज जीव को मार कर खाएं दूसरे को धोखा दें बिना वजह का झूठ बोलते रहे तो फिर संत दर्शन और प्रवचन सुनने का कोई अर्थ नहीं रह जाता जैसे कपड़ा को खूब अच्छा तरीके से साफ सफाई करके उसको पहन लीजिए ऊपर से इतर डाल दीजिए और नाला में कूद जाइए तो फिर साफ कपड़ा पहने और इत्र लगाने से कोई फायदा नहीं होगा।
मन द्वारा, वाणी द्वारा, शरीर द्वारा भक्तिपूर्वक परमात्मा का ध्यान करते हुए उनके नाम गुण, लीला, धाम इन चारों का जो उपासना करता है। यह श्रेष्ठ प्रायश्चित है। यह जितना श्रेष्ठ प्रायश्चित है उतना श्रेष्ठ प्रायश्चित यज्ञ, दान, तप भी नही है। यज्ञ, दान, तप करने वाला का हो सकता है उसके पापों का मार्जन न हो। लेकिन जो मन से वाणी से पवित्र होकर नाम गुण, लीला, धाम इन चारों का जो भावना करता है। यहीं सबसे श्रेष्ठ प्रायश्चित है। श्रीमद्भागवत गीता में अर्जुन ने भगवान श्री कृष्ण से पुछा है कि जो परमात्मा के अधिकारी हैं उनकी क्या भाषा है। उनकी क्या बोल चाल है, क्या लक्षण है। तो भगवान ने बताया कि जो भगवान में सोता है, जगता है, खाता है, उठता है, बैठता है, इतना ही नही जैसे कछुआ अपने शरीर को फैलाकर जल में तैरता है।
उसी प्रकार से जो स्थितप्रज्ञ होते हैं, भगवान के भक्त होते हैं। वे दुनिया में अनेक प्रकार के लोगों को संदेश देने के लिए कहीं यज्ञ करते हैं। कहीं मंदिर बनाते है इसके द्वारा जब समाज को संदेश दे देते हैं तो फिर अपने में समेटने लगते हैं। यही निर्वाण पुरूष का लक्षण है।




Trending News

#1
कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक को 5000 रुपये की घूस लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

location_on गढ़वा
access_time 23-Apr-25, 12:21 PM

#2
संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

#3
देर रात लूट की वारदात का पुलिस ने किया खुलासा, तीन गिरफ्तार, दो फरार

location_on गढ़वा
access_time 13-Jun-25, 03:40 PM

#4
गढ़वा में अवैध हथियार के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार, दो देसी कट्टा बरामद

location_on गढ़वा
access_time 18-Jun-25, 03:42 PM

#5
इंदिरा गांधी रोड पर युवक को गोली मारकर घायल किया गया

location_on गढ़वा
access_time 30-Jun-25, 08:41 PM


Latest News

गढ़वा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई का गठन, कवि सम्मेलन में गूंजे राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार के स्वर

location_on गढ़वा
access_time 15-Apr-26, 03:50 PM

कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण संपन्न, शिव पहाड़ी गुफा तक पहुँचा कला जत्था

location_on गढ़वा
access_time 07-Apr-26, 10:56 AM

गढ़वा के परिहारा गाँव में साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ का शुभारंभ, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

location_on गढ़वा
access_time 01-Apr-26, 11:29 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 02:27 PM

संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में कला साधिका संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 15-Mar-26, 11:29 PM

पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच ने पूरे किए 21 वर्ष, 22वें वर्ष में प्रवेश — कला, संस्कृति और समाज सेवा का सतत अभियान जारी

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 06:58 PM

जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और आत्मविशास को बढ़ाती हैं विज्ञान, कला और शिल्प प्रदर्शनी : अजय कुमार वर्मा

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 10:51 AM

सुसंस्कारित समाज का आधार है संयुक्त परिवार : नीरज श्रीधर स्वर्गीय

location_on गढ़वा
access_time 09-Jan-26, 02:30 PM

हनुमान जी की आराधना कलयुग में सबसे सरल और विशेष फलदायी है : डॉ. टी पीयूष

location_on गढ़वा
access_time 30-Dec-25, 09:58 PM

o2osell.com का एप गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें।
Get it on Google Play