मझिआंव: मझिआंव प्रखंड क्षेत्र के तलशबरिया पंचायत के, अधौरा गांव निवासी सह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुक सुफैर खान से, पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि के द्वारा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के नाम पर, 10 हजार रुपये घुस लेने का मामला प्रकाश में आया है।
इधर इस संबंध में लाभुक की पत्नी हसीना बीवी के द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास लिखित आवेदन देकर, मुखिया प्रतिनिधि पर जांचोपरांत उचित कारवाई करने की मांग की है। दिए गए आवेदन में कहा गया है कि आवास बनाने के लिए सरकार के द्वारा पहले किश्त की राशि ही मेरे खाते में रुपये 40000 भेजा गया है। इसकी जानकारी मिलते ही पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि के द्वारा घुस के नाम पर ₹10000 की मांग की जा रही है।
जबकि उनके द्वारा आवास का रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर पूर्व में ही रुपये 10000 लिया जा चुका है।
वहीं इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन डांग ने बताया की, आवास के नाम पर घूस मांगने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। कहा कि रजिस्ट्रेशन के नाम पर पूर्व में रुपये 10000 प्रतिनिधि के द्वारा लिए जाने की शिकायत के आलोक में, राशि की जांच के लिए अग्रेतर कारवाई कर दी गई है। कहा कि संबंधित पंचायत के सचिव को सूचना देकर 2 दिन के अंदर, उस लाभुक से रजिस्ट्रेशन के नाम पर ली गई रुपये 10000 लौटाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं होने पर जांच उपरांत इस कार्य में संलिप्त मुखिया, वार्ड या पंचायत सचिव को, किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
कारवाई निश्चित रूप से की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य पंचायत में भी, इस तरह की शिकायत मिलने पर कठोर दंडात्मक कारवाई के साथ साथ संबंधित पंचायत के मुखिया की पावर सीज कर दी जाएगी।
इधर तलशबरिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि शेख उमरुद्दीन ने बताया की, मेरे ऊपर लगाए गए इल्जाम बिल्कुल गलत व निराधार है। कहा कि पूर्व के झगड़ा व पक्का मकान होने के बावजूद भी आवास मिला है। शायद उसको लगता होगा की मुखिया जी सूची से नाम न कटवा दें। इसलिए इस तरह कि घिनौना इल्जाम मेरे ऊपर लगाया गया है।