मझिआंव :
विषाक्त खाना खाने से 19 छात्र हुए गंभीर:कांडी थाना क्षेत्र के कांडी थाना क्षेत्र के मदरसा में पोवाईजन युक्त खाना खाने से मदरसा के 19 बचे हुए गंभीर रूप से बीमार ।जिन्हें आनंद फानन में रेफरल अस्पताल में भर्ती कर ईलाज किया जा रहा है। जानकारी देते हुए मदरसा के हेड मौलवी अब्दुल मजीद ने बताया कि शनिवार को सुबह में सभी छात्र खिचड़ी खाकर पढ़ाई किया इसके बाद लगभग 2:00 बजे नमाज पढ़ने के बाद चावल -दाल सब्जी खाना खाया।

जिसमें मदरसे में 20 छात्र नामांकित थे जिसमें 19 बच्चा खाना खाने के 10 मिनट के बाद ही उल्टी शुरू कर दिया ,जबकि एक बच्चा खाना नहीं खाया था वह उल्टी नहीं किया। साथ ही उन्होंने बताया कि मदरसा के बाउंड्री के बाहर चूहा मार दवा की रैपर मिला।
उन्होंने बताया कि जिस समय रसोईया खाना बनाकर और वह अपना भोजन लेकर घर चली गई ,उसके बाद हम सभी छात्रों को लेकर नमाज पढ़ने के लिए गए। एवं आने के बाद सभी छात्रों ने भोजन किया इसके बाद ऐसा घटना घट गई।

हेड मौलवी ने अनुमान लगाते हुए बताया इसी बीच किसी शरारती के द्वारा खाना बनाया हुआ दाल में चूहा मार दवा डाल दिया। जिससे सभी गंभीर रूप से बीमार हो गए ।सभी छात्रों को ईलाज के लिए रेफर अस्पताल में ले जाने हेतु एंबुलेंस को 108 पर कॉल किया गया परंतु एंबुलेंस नहीं मिला आनंद-खनन में कांडी अस्पताल में ले जाया गया जहां पर कोई भी चिकित्सक नहीं थे। इसके बाद निजी वाहन से सभी गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रेफरल अस्पताल मझिआंव लाया गया जिसमें अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर गोविंद प्रसाद सेठ ,डॉक्टर मनीष कुमार सिंह ,डॉक्टर कविता कुमारी, स्वास्थ्य कर्मी राकेश कुमार ठाकुर ,आदित्य दुबे, एएनएम शीला कुमारी सहित चिकित्साकर्मी पदाधिकारी के द्वारा सभी का उपचार किया जा रहा है।
इस जहर डाला हुआ खाना को खाने के बाद बीमार हुए छात्रों में : बिहार के तीयरा गांव निवासी रशीद अंसारी के 10 वर्षीय पुत्र परवेज आलम, निजामुद्दीन अंसारी के 8 वर्षीय पुत्र आशिक अंसारी तियरा बिहार, मझिआंव थाना क्षेत्र के सेमराहाट गांव निवासी नौशाद खान के 10 वर्षीय पुत्र गुलाम गौस, चिनिया गांव निवासी अब्दुल रशीद के 10 वर्षीय पुत्र सदजाद , कांडी थाना क्षेत्र के सोने की गांव निवासी मोहम्मद बेचन खान के 10 वर्षीय पुत्र मोहम्मद सलमान खान, सेतु गांव निवासी मोहम्मद इस्लाम खान के 8 वर्षीय पुत्र मोहम्मद खुर्शीद राज, कलीम खान के 10 वर्षीय पुत्र इरफान खान, शौकत अंसारी के 10 वर्षीय पुत्र दिलशाद अंसारी , अख्तर अंसारी के 10 वर्षीय पुत्र मोहम्मद रजा , चोका गांव निवासी निजामुद्दीन आलम के 13 वर्षीय पुत्र परवेज आलम एवं गांधी निवासी मोहम्मद जलन खान के 13 वर्षीय पुत्र सुहेल खान ,भुड़वा गांव निवासी हकीम अंसारी के 12 वर्षीय पूर्व सईद आलम ,कांडी गांव निवासी नसरुद्दीन खान के 15 वर्षीय पुत्र शाहरुख खान, पतिला गांव निवासी मंजू अंसारी के 9 वर्षीय पुत्र शाहनवाज अंसारी, मंजूर आलम के 8 वर्षीय पुत्र सहजाद आलम, छत्तीसगढ़ के चंदन नगर गांव निवासी मुमताज अंसारी के 12 वर्षीय पुत्र रोशन राजा छत्तीसगढ़ के मदनपुर गांव निवासी इम्तियाज के 12 वर्षीय पुत्र अली रजा, सहित अन्य का नाम शामिल है।
इधर इस संबंध में इलाज कर रहे रेफर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर मनीष कुमार सिंह ने बताया कि यह जो मदरसा के हेड मौलवी एवं आए परिजनों के द्वारा बताया गया कि चूहा मार की दवा दाल में डाला गया था या प्राण घातक दवा है लेकिन डॉक्टर श्री सिंह ने कहा की दवा की मात्रा कम और दाल की मात्रा अधिक होने के कारण वह ज्यादा बच्चों पर असर नहीं किया इसका असर बाद में भी हो सकता है परंतु अभी सभी का स्थिति समाज एवं इलाज चल रहा है। इस मामले की जानकारी सुनते ही थाना से पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। कंडी अस्पताल में नहीं थे एक भी चिकित्सक: हेड मौलवी: इस तरह के मामले होने के बाद मदरसा के हेड मौलवी अब्दुल मजीद ने बताया कि जब बच्चों को फूड पॉइजनिंग के कारण उल्टी शुरू हो गई तो वह कैंडी अस्पताल में गए वहां पर कोई भी चिकित्सा उपलब्ध नहीं थे इसके बाद 108 एंबुलेंस मांगने पर नहीं मिला जिसे निजी गाड़ी से रेफरेंस अस्पताल लड़ना पड़ा।
इधर इस संबंध में का अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि वहां अस्पताल में डॉक्टर है या नहीं रेफरेंस अस्पताल के प्रभारी का देखना कम है उन्हीं से पूछ लिया जाए एवं एंबुलेंस उनके नियंत्रण में नहीं है एंबुलेंस की कमी के कारण हर जिला में एंबुलेंस समय पर नहीं मिल पा रहा है।