मझिआंव : थाना क्षेत्र के खजूरी नावाडीह गांव निवासी उदय विश्वकर्मा के 25 वर्षीय पुत्र नितेश विश्वकर्म 13 अगस्त को अपने ही मोटरसाइकिल से बिजली के 11 वोल्ट के पोल में धक्का मार दिया था ।जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था ,जिसे सदर अस्पताल से डाल्टनगंज हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राहुल अग्रवाल के यहां ईलाज चल रहा था । ईलाज के क्रम में चिकित्सक के द्वारा बताया गया कि अब उसे घर वापस ले जाएं।
इसी दौरान उसे मृत समझ कर उसके गांव खजूरी गांव में सूचना मिलते ही यहां पर परिजनों के द्वारा अंतिम संस्कार के लिए सारी तैयारियां पूरी कर दी गई ।जिसमें कफन सहित चीता की तैयारी भी कर दी गई। एंबुलेंस से शनिवार की रात्रि लगभग 8बजे घायल नितेश का पहुंचा तो परिजनों सहित आस-पड़ोस के लोगों की काफी भीड़ देखने के लिए उमड़ पड़ी।
उस दौरान घायल के पिता उदय विश्वकर्मा अत्यंत ही पुत्र के शोक में डूबे हुए थे, इसी दौरान ग्रामीणों के द्वारा घायल नितेश को देखने के दौरान उसके शरीर में अचानक हरकत आते देख सभी लोग देखें , इसके बाद माहौल ही बदल गया।तथा घायल नितेश के शरीर में हरकत आते ही हाथ पैर हिलने- डुलने लगा। जिसे लोग देख अचंभित होते हुए उसे पुनः उसी एंबुलेंस से गढ़वा सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां से स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों के द्वारा रिम्स रांची रेफर कर दिया गया जहां पर रविवार के सुबह लगभग 3:00 बजे रिम्स में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक घायल का स्थिति गंभीर बनी हुई है। जानकारी देते हुए घायल के चाचा संजय विश्वकर्मा ने बताया कि 13 अगस्त को नितेश अपने साथी जो नगर पंचायत क्षेत्र के लोहार पुरवा गांव निवासी सह नितेश के साथी जो बाहर आसाम मे मजदूरी करने गया था जो डेंगू मलेरिया रोग से मृत्यु हो गई थी,जिसका शव मझिआंव कोयल नदी के श्मशान घाट से उसका अंतिम संस्कार कर वह अपने घर खजुरी बाईक से वापस लौट रहा था कि बकोईया गांव में मेन रोड पर 11,000 वोल्ट के बिजली के लोहा के पोल में धक्का मार दिया था ।
जिससे माथा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसे ईलाज के लिए निजी अस्पताल में मेदनीनगर भर्ती कराया गया था। साथ ही उसके चाचा ने यह भी बताया इसका दुर्घटना होने पर लगभग ₹5लाख रुपये जो खर्च हुआ जमीन बेचकर खर्च किया गया, फिर भी अभी रांची रीम्स में जीवन मौत से जुझ रहा है ।स्थिति गंभीर बनी हुई है।