बंशीधर नगर : -श्री श्री ठाकुर अनुकूलचन्द्र जी के अनुयायियों द्वारा जंगीपुर ग्राम स्थित सत्संग उपासना केन्द्र उर्जितपा के प्रांगण में सत्संग का आयोजन किया गया.
सत्संग का शुभारंभ बन्देपुरुषोतम ध्वनि,शंख ध्वनि के बीच दीप प्रज्वलित कर किया गया.इसके बाद सामूहिक रूप से सत्यानु शरण पाठ,नारी नीति पाठ किया गया.सत्संग में माला देवी,रीना जायसवाल,लालती देवी,अखिलेश प्रसाद द्वारा भक्ति मूलक भजन प्रस्तुत किया गया.इष्टचर्चा करते हुये सत्संगी अजय दा ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य ईश्वर की संतान है,इसलिए प्रत्येक मनुष्य को ईश्वर की आराधना करना चाहिये.ईश्वर सर्वव्यापी हैं.ईश्वर की प्राप्ति हेतु हमसबों को सत्संग करना चाहिये.उन्होंने कहा कि वर्तमान पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर जी के द्वारा प्रदत्त सतनाम का स्मरण करना चाहिये.पुरुषोत्तम के द्वारा दिया गया सतनाम कलयुग में भवसागर को पार करने वाला है.सत्संगी गीता देवी ने कहा कि श्री श्री ठाकुर जी ने नारियों के उत्थान के लिये मातृ सम्मेलन करने को कहा है.मातृ सम्मेलन करने से प्रत्येक नारी में मातृत्व का भाव जागृत होता है.उन्होंने नारी के आठ वैशिष्ट्य का विस्तार से वर्णन किया.उन्होंने कहा कि आठो वैशिष्ट्य का पालन करने पर नारी देवी हो जाती है.यह गुण सभी नारियों में है,जरूरत है उसे जागृत करने की.सत्संगी ललिता देवी ने कहा कि वर्तमान पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर जी के गुणों की चर्चा परिवार व समाज मे करना चाहिये.श्री श्री ठाकुर जी के सतनाम की आवश्यकता प्रत्येक मनुष्य को है.कार्यक्रम का संचालन कर रहे अखिलेश प्रसाद ने कहा कि मनुष्य को कामिनी व कांचन से दूर रहना चाहिये.अहंकार का त्याग करना चाहिये,क्योकि अहंकारी व्यक्ति में भक्ति कभी नही आ सकता है.सत्संग में प्रसाद की व्यवस्था गोविंद रजक द्वारा किया गया था.सत्संग में शक्तिदास सिन्हा,आयुष कुमार,प्रत्यूष कुमार,श्रीकांत प्रसाद,अरविन्द कुमार,प्रमिला देवी सहित अन्य सत्संगी उपस्थित थे.