गढ़वा :
हजरत इमाम हसन - हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हसन- हुसैन और यजीद की सेना के बीच जंग हुई थी। जिसमें इस्लाम की रक्षा के लिए हजरत इमाम हसन- हुसैन ने अपनी जान की कुर्बान दी थी। इसलिए मुहर्रम महीने के 10वें दिन मुहर्रम को मनाया जाता है। उक्त बातें स्थानीय विधायक प्रदेश के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने मुहर्रम इंतजामिया कमेटी के द्वारा मुहर्रम के अवसर पर बीती रात कर्बला के मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।

उन्होंने कहा कि कोई भी त्योहार अपने अपने घरों में मनाया जा सकता है। लेकिन पूर्वजों द्वारा सामूहिक रूप से त्योहार मनाने का मुख्य उद्देश्य था कि लोग आपस में मिलजुल कर त्योहार मनाए।
साथ ही मिलजुल कर रहे। लेकिन आज छोटी-छोटी बातों पर लोग एक दूसरे से उलझ जाते हैं। इससे बचने की जरूरत है। छोटी-छोटी बातों पर लोगों को नहीं उलझना चाहिए। हम सभी लोग एकजुट होकर रहे, तभी ऐसे पर्वों की सार्थकता सार्थक साबित होगी। उन्होंने कहा कि यदि हमारी नियत नेक होगी तो हम सभी कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे। कोई भी पर्व, त्योहार तभी सफल होगा, जब हम एकजुट रहेंगे। झामुमो जिलाध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि इस्लाम महीना की शुरूआत और अंत दोनों कुर्बानी से शुरू होती है। रामनवमी पूजा समिति जनरल के अध्यक्ष मुरली श्याम सोनी ने कहा कि किसी को गंगा-जमुनी तहजीब देखना है तो वे गढ़वा आकर देखें। यहां सभी लोग आपस मिलजुल कर कोई भी पर्व-त्योहार मनाते हैं।
गढ़वा जिला अंजुमन के सदर जैनुल आबेद्दीन खान उर्फ मदनी खान ने कहा कि गढ़वा में सभी मंच सद्भावना का मंच होता है। सभी मंचो पर दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। मौके पर समाजसेवी डॉ यासीन अंसारी ने भी विचार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन आजाद खान ने किया। मौके मुख्य रूप से डीडीसी राजेश कुमार राय, सीओ मयंक भूषण, बीडीओ कुमुद कुमार झा, जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी, अनिता दत्त, अंजली गुप्ता, कंचन साहू, दौलत सोनी, एसडीपीओ अवध कुमार यादव, हाजी मनउवर, नईमुद्दीन सिद्दीकी, जमीरुद्दीन अंसारी सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

यादें हुसैन के बैनर तले मुहर्रम पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
मोहर्रम के मौके पर यादें हुसैन के बैनर के तले मझिआंव मोड़ पर निगरानी मंच स्थापित कर पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया।
इस दौरान मोहर्रम के जुलूस में शामिल सभी ताजिया, सिपड़ आदि को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने फीता काट कर किया।
मौके पर मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि आज हम हजारों साल बाद भी हसन, हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का त्यौहार मनाते हैं, क्योंकि वे अन्याय, झूठ एवं फरेब का विरोध करते थे। गरीबों की मदद करते थे। इस कारण आज भी लोग उनकी शहादत को याद करते हुए मोहर्रम मनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि रमजान में 30 दिनों का रोजा से भी अधिक मोहर्रम का एक दिन का रोजा का फल प्राप्त होता है। आज बड़े-बड़े ताजिया, सिपड पर बनाए जा रहे हैं।
इसकी सार्थकता तभी होगी जब हम सब मिलकर सत्य एवं अपने संविधान की रक्षा करेंगे। मंत्री ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है। यहां समरसता, समाजिक एकता एवं सौहार्द बनी रहे, यह हम सब की जिम्मेवारी है। मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि गढ़वा में हिंदू, मुस्लिम सभी धर्म के लोग आपस में मिल-जुल कर एक दूसरे का पर्व, त्योहार मनाते हैं। यहां दोनों समुदायों के लोगों की पहुंच एक दूसरे के रसोई तक है। गढ़वा गंगा, जमुनी तहजीब एवं सामाजिक सौहार्द का मिसाल है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोग यह संकल्प लें कि इस एकता एवं सौहार्द को तोड़ने वाली ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। मंत्री ने कहा कि आज इस मंच पर हिंदू, मुस्लिम एकता दिख रही है। यह फर्क कर पाना मुश्किल है कि यहां कौन हिंदू और मुस्लिम है।
यही भारत की असली खूबसूरती है। उन्होंने कहा कि यहां कदम-कदम पर जाति, धर्म, भाषा एवं संस्कृति की विविधता है। भारत में इस अनेकता के बावजूद पूरी तरह से एकता है। हमारी इस सोच को कोई बदल नहीं सकता। पूरा समाज, पूरा भारत वर्ष एक है। इसे हमेशा एक बनाए रखने के लिए हम सभी संकल्पित हैं। मौके पर डीसी शेखर जमुआर आदि ने भी विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कंचन साहू, धन्यवाद ज्ञापन झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता धीरज दुबे ने किया। मौके पर मुख्य रूप से डीडीसी राजेश राय, एसडीओ राज महेश्वरम, सीओ कुमार मयंक भूषण, झामुमो जिला अध्यक्ष तनवीर आलम, रामनवमी पूजा महासमिति जेनरल के मुरली श्याम सोनी, एमपी गुप्ता, उबैदुल्लाह हक अंसारी, मदनी खान, शमीम अंसारी, आफताब खान, सनाउल्लाह खान, शमशाद खान, अलीम खान सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।