भवनाथपुर : सरस्वती विद्या मंदिर, भवनाथपुर टाउनशिप में बुधवार को दादा-दादी व नाना-नानी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व सेल कर्मी बजरंगी साह ,आशा देवी , विद्यालय प्रबंध कारिणी के सचिव अरविंद प्रताप सिंह सेंगर, उपाध्यक्ष सीताराम पाठक विद्यालय प्रबंध कार्यकारिणी की महिला सदस्या माया दास, प्राचार्य सह संकुल प्रमुख रविकांत पाठक एवं विद्यालय के प्राचार्य ब्रजेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर समारोह की शुरुआत की। आचार्या अदिति पाठक ने की अतिथि परिचय कराया । हिन्दी आचार्या और कार्यक्रम की प्रमुख विभा पांडे ने कहा कि सेवा मानवता का धर्म है यह सद्गुण केवल इंसानों में ही पाया जाता हैं।
पशुओं में सेवा की प्रवृत्ति नहीं होती है एक इन्सान जब वृद्ध हो जाता है और उसका शरीर भी साथ नहीं देने लगता है तो जो व्यक्ति उनकी सेवा चाकरी करती है उसे सेवा कहा जाता हैं, यह एक प्रकार की ऋण अदायगी एवं परोपकार से प्रेरित कर्म हैं जो हरेक मानव को पूर्ण निष्ठां के साथ निभाना चाहिए ।
मुख्य अतिथि बजरंगी साह ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान ही हमारी संस्कृति है,बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं । उन्होंने कहा कि हम सब कुछ बदल सकते हैं, लेकिन पूर्वज नहीं। हम उन्हें छोड़कर इतिहास बोध से कट जाते हैं और इतिहास बोध से कटे समाज जड़ों से टूटे पेड़ जैसे सूख जाते हैं। जिस परिवार में बड़े बुजुर्गों का सम्मान नहीं होता उस परिवार में सुख, संतुष्टि और स्वाभिमान नहीं आ सकता।
समारोह में प्रत्येक दादा-दादी एवं नाना- नानी को सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा भेंट किया गया। मौके पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। अंत में प्रधानाचार्य बर्जेस कुमार सिंह के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। समारोह का संचालन विद्यालय की आचार्या विभा पांडे ने किया ।