बंशीधर
श्री बंशीधर नगर-प्रखंड के पाल्हे जतपुरा ग्राम में चल रहे प्रवचन के दौरान श्री श्री जीयर स्वामी महाराज ने कहा कि सबसे पहले तो अनर्थ जो जीवन तथा जीवन के व्यवहार में जिस कारण से होता हो उस पर अंकुश लगायें. अहंकारमय जीवन न हो. जरूर हम करते हैं लेकिन कराने वाला उसी प्रकार से हैं जैसे किसी कठपुतली के नाच को देखा होगा.भले वह नाचते हैं लेकिन नचाने वाला कोई दूसरा है. उसी के इशारे पर कठपुतली नाचता है. ठीक उसी प्रकार हमारे आपके साथ है.हम चाहे जो कुछ भी करते हैं वह परमात्मा अपनी शक्ति के द्वारा हमलोगों को कठपुतली के समान नचाते हैं. उनकी इच्छा नही होती है नचाने के लिए तो अपने आप से तो इस दुनिया में निस्तार हो जाते हैं. किसी के योग्य नही होते हैं.ऐसा विचार कर अनर्थों को त्याग दे. कर्तव्य करें, लेकिन मैं ही करने वाला हूं, मेरे ही द्वारा होता है, ऐसा भाव नही होना चाहिए. जिसका सम्प्रदाय सत्य हो, जो ईश्वर को झूठा मानता हो, पूजा को झूठा मानता हो, अपना पैर धोकर पी रहा हो,कहता है भगवान शालिग्राम का चरणामृत मत पीजिए इन्फेक्शन हो जाएगा, और अपना पैर धोकर पीरहा है. चल रहा है नया नया धर्म.ऐसे गुरू बाकी दिन उल्टा काम करता है और गद्दी पर बैठ करके उपदेश देता है. अपना पूजा कराते हैं यह कौन सा धर्म है, वैसा गुरू नही हो सकता.इस दुनिया का इतिहास है कि महापुरूषों का भी विरोध हुआ है.उन्होंने कहा किइस दुनिया का इतिहास है कोई भी आया उसका विरोधी नही हुआ, ऐसा नही है. लेकिन विरोधी नास्तिक हो और वह विरोध करे तो कोई बात नही है, क्योंकि उसको ऐसा होना ही चाहिए, क्योंकि वह परमात्मा के यहां से आया है, लेकिन यह बताया गया है कि अपना सुकृत जन से विरोध न हो. ऐसा शास्त्रों में निवेदन किया गया है. अन्यथा कोई भी आया है ये दुनिया के लोग ऐसे हैं कि कभी भी आपको कैसे भी रहेंगे चलने नही देंगे, बोलने नही देंगे, देखने नही देंगे. जैसे सिर नीचे करके, नम्रता से चलेंगे तो लोग कहेंगे शर्म से झुक कर चल रहा है,उठा कर चलेंगे तो कहेंगे कि अहंकार पुर्वक चल रहा है. इसलिए महापुरूष लोग अपने विवेक से कार्य करते हैं.भगवान राम और कृष्ण को छोड़ा नही तो क्या हमको और आपको छोड़ेगा. नही छोड़ेगा.विवेकी पुरूष को अपने विवेक द्वारा मर्यादा के अनुसार काम करना चाहिए. चलना चाहिए.गुरु केवल कोई एक व्यक्ति,शरीर नही, गुरू एक व्यक्ति के अलावा एक दिव्य संदेश, एक उपदेश होता है.गुरु और ईश्वर में भक्ति होनी चाहिए. गुरू हमारे जीवन का वह कंडिशन हैं, वह एक स्थिति हैं, वह एक स्तर हैं जिसके माध्यम से हम अपने भटके भूले, अटके जीवन को समाधान करने में प्रयाप्त हो जाते हैं. गुरू केवल कोई एक व्यक्ति और केवल शरीर नही, गुरू एक व्यक्ति के अलावा एक दिव्य संदेश होता है. एक उपदेश होता है, एक दिव्य आदेश होता है. एक दिव्य आचरण होता है, जिसके द्वारा हम प्रशस्त मार्गों के अधिकारी होते हैं. व्यवहारिक रूप में गुरू शब्द का मतलब जिसके संरक्षण, छत्रछाया, संवर्धन या जिनके सहवास से हमारे जीवन की किसी प्रकार की जो अधूरापन हो, किसी प्रकार की खामियां हो उन खामियों पर हम अफसोस करें, पश्चाताप करें और अपने जीवन में अच्छे मार्गों पर चलने के लिए संकल्प करें, बाध्य हो जाएं, ऐसे जिसके द्वारा आदेश प्राप्त होता हो, संदेश प्राप्त होता हो, चाहे वह धोती कुर्ता में रहने वाला हो चाहे वह गेरूआ कपड़ा वाला हो उसी का नाम गुरू है.
श्री बंशीधर नगर-प्रखंड कार्यालय के सभागार में मंगलवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रवण राम ने नगर पंचायत क्षेत्र में आनेवाले मतदान केंद्रों के बीएलओ के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया.बैठक में बीडीओ ने इस समय चल रहे घर घर मतदाता सत्यापन कार्य का समीक्षा किया.उन्होंने सभी बीएलओ को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रत्येक मतदाता का भौतिक सत्यापन हो.उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गये बीएलओ रजिस्टर पर प्रत्येक मतदाता का सत्यापन के बाद हस्ताक्षर लिया जाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर पर स्टिकर चिपका कर प्रथम भ्रमण की तिथि भी अंकित किया जाय.उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर2024 तक 18 वर्ष की उम्र पूरा करने वाले व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिये उनसे प्रपत्र 6 प्राप्त करें.यदि मतदाता सूची में मतदाता का नाम,उम्र,फ़ोटो,पता आदि गलत होतो उनसे सम्बंधित कागजात प्राप्त करते हुये फार्म 8 भरें.बैठक में प्रभारी पंचायती राज पदाधिकारी उत्तम रंजन,बीएलओ पर्यवेक्षक जितेंद्र कुमार,अशोक कुमार,कौशल कुमार,कम्प्यूटर ऑपरेटर मुखलाल उरांव,बीएलओ राबिया बानो, नागवंशी देवी,चिंता कुमारी,प्रभा देवी,आशा देवी सहित सभी बीएलओ उपस्थित थे.
श्री बंशीधर नगर-प्रखंड परिसर स्थित एग्री क्लिनिक के सभागार में मंगलवार को खरीफ फसल कार्यशाला का आयोजन किया गया.कार्यशाला का शुभारम्भ बीडीओ श्रवण राम,बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष शैलेश चौबे,विधायक प्रतिनिधि लालमोहन यादव,प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी ज्ञानचंद केशरी,एटीएम बिजय कुमार यादव तथा प्रखंड कॉर्डिनेटर सरोज सोनकर ने सयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.कार्यशाला में प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रवण राम ने कहा कि इस कार्यशाला किसानों को खरीफ फसल से सम्बंधित महत्पूर्ण जानकारी दिया जायेगा. उन्होंने किसानों से इस जानकारी का लाभ लेते हुये मोटे अनाजो का उत्पादन बढ़ाने की अपील किया.एटीएम बिजय कुमार यादव ने उपस्थित किसान, व किसान मित्रो को खेती के आधुनिक तरीको के बारे में बताया. उन्होंने कम पानी का प्रयोग कर मोटे खरीफ फसल उपजाने से सम्बंधित जानकारी विस्तार से दिया.उन्होंने कहा कि कृषि विभाग एवं आत्मा द्वारा किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित किया जा रहा है, जिसमें किसानों को समय पर कम वर्षा होने पर मोटे अनाज ज्वार ,बाजरा ,मडुआ इत्यादि फसल की खेती करना चाहिये.उन्होंने मोटे अनाजो के बुआई से कटाई तक के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया.उन्होंने मुख्यरूप से मोटे अनाज की खेती करने,आधुनिक कृषि उपकरण का प्रयोग करने,भविष्य में मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाने,कम खेत,कम पानी का प्रयोग कर फसल का उत्पादन बढ़ाने,जैविक खाद का उपयोग कर मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने तथा समय-समय पर मिट्टी की जांच कराने के संबंध में जानकारी दिया.कार्यशाला में ज्ञानती देवी,नीलू देवी,माया देवी,किरण देवी,आरती देवी,सीमा देवी,सुशील कुमार सिंह, मुकेश शुक्ल, अरुण चौबे, बिपिन बिहारी सिंह, मनोज कुमार, मनोज सिंह, संजय कुमार,सईद अख्तर सहित बड़ी संख्या में किसान एवं किसान मित्र उपस्थित थे.