बंशीधर नगर :
श्री बंशीधर नगर - प्रखंड संसाधन केन्द्र अधौरा में बुधवार को बीआरपी- सीआरपी की बैठक प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी तहमीना परवीन की अध्यक्षता में संपन्न हुई.
बैठक में बीपीओ ने विभागीय कार्यों की समीक्षा के बाद आवश्यक दिशा निर्देश दिया. बैठक में बीपीओ ने कहा कि प्रतिदिन का नामांकन रुआर लिंक में सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक भरेंगे. बीपीओ ने कहा कि नये नामांकन के लिये शिक्षक अपने -अपने विद्यालय के पोषक क्षेत्र का भ्रमण करें तथा आनंमकित व क्षितिज बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराना सुनिश्चित करें.उन्होंने रुआर के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि 6-18 आयुवर्ग के नामांकित सभी बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित किया जाय.उन्होंने विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों का शत- प्रतिशत नामांकन एंव उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
ट्रांजीशन रिपोर्ट वर्गवार सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापक अपने सीआरपी को देना सुनिश्चित करें.
उन्होंने कहा कि प्रशस्त एप के द्वारा सभी प्रधानाध्यापक रजिस्ट्रेशन कर सर्वे करें तथा सहायक अध्यापक से भी सर्वे कराना सुनिश्चित करेंगे. विद्यालय स्तर पर खेलो झारखंड 2023 के तहत खेल प्रतियोगिता 15 जुलाई से 14 अगस्त 2023 तक आयोजित करना है.उन्होंने कहा कि सभी नामांकित बच्चों का अगली कक्षाओं में शत- प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करेंगे. बीपीओ ने सभी सीआरपी को निर्देश दिया कि लाइब्रेरी पुस्तक व ज्ञान सेतु किताब का उठाव जल्द से जल्द कराना सुनिश्चित करें.सभी बच्चों तथा शिक्षकों का उपस्थिति ई विद्या वाहिनी में दर्ज कराना सुनिश्चित करेंगे, इसका नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश सीआरपी को दिया. बैठक में बीआरपी श्रीकांत चौबे, प्रकाश कुमार सिंह, सीआरपी संजय कुमार सिंह, प्रशांत कुमार देव, अजय कुमार, शोभा पांडेय, वीरेंद्र प्रजापति, लेखापाल चंदन कुमार ,रिसोर्स शिक्षक शशिकांत पाल तथा कंप्यूटर कोडिनेटर मुकेश कुमार उपस्थित थे.

:--अपने पेट भरने के लिए जीव जंतुओं की हत्या करना महापाप है-जीयर स्वामी.
श्री बंशीधर नगर-जो व्यक्ति किसी स्त्री, बहन, शिष्या को वंचना करके, दिग्भ्रमित करके, गलत व्यवहार करता है,वह व्यक्ति मरकर अंध तामिस नामक नरक में जाता है. उसके शरीर को वृक्ष से पटककर यातना दी जाती है.जो व्यक्ति अंहकार या ममतावश प्राणियों से, कुटुम्बियों से अकारण द्रोह करता है, सताता है, हनन करता है उसे मरकर रौरव नरक मिलता है. जो व्यक्ति अपने पेट भरने के लिए जीव जंतुओं की हत्या करता है उसे मरकर कुंभीपाक नर्क मिलता है.उक्त बातें श्री श्री जीयर स्वामी महाराज ने पाल्हे जतपुरा ग्राम में प्रवचन के दौरान कही.उन्होंने कहा कि पत्नी से संबध जोड़ने वाले माता-पिता का त्याग नही करें.जिस माता ने नौ महीने दर्द सहकर, पालन पोषण करके जन्म दिया, जन्म देने के बाद खुद गीले वस्त्रों को पहन कर अपने पुत्र को सुखे वस्त्र में सुलाया, वह पुत्र बडा होकर सबसे पहले माता पिता को ही अलग करता है. पत्नी को मानिये परंतु जिसके कारण पत्नी से संबंध बना है, उस माता पिता का त्याग मत किजिये. अपमान मत किजिये.ऐसे नास्तिक, माता-पिता संत, महात्मा, विद्वान, से जो द्रोह करता है वह मरकर कास सूत्र नरक में जाता है.सात्विक भोजन में तुलसी पत्र डाल कर भोजन करना चाहिए.जो ऋषियों के द्वारा बताए गए भोजन है वहीं सात्विक भोजन है. जो निषेध किया गया है वह राक्षसी भोजन है.शास्त्र में बताया गया है कि घर में जो भी सात्विक भोजन बने,उसमें तुलसी पत्र डाल करके ही भोजन करना चाहिए.उन्होंने कहा कि सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं इन्हे रोज अर्ध्य देना चाहिए. शनि का भूगोल खगोल में बड़ा महत्व बताया गया है.शनि केवल अनिष्ट ग्रह ही नही हैं.शनिदेव यदि प्रसन्न हो जाएं तो रंक भी राजा बन जाता है. यदि नाराज हो जाएं तो राजा भी रंक हो जाता है. शनिदेव केवल दुख ही नही देते हैं. यदि जो भगवान की भक्ति में, सदाचार में अच्छे व्यवहार, विचार में रहते हैं तो ढाई वर्ष या साढ़ेसात वर्ष क्या सात मिनट में चले जाएंगे.यदि कहीं वह भक्ति, सदाचार, अच्छे दिनचर्या,अच्छे व्यवहार में न रहा तो साढे सात की बात मत किजिये सतर वर्ष में भी नही जाएंगे.चाहे कितना भी कुछ करा लीजिए. इसीलिए हमारा खान-पान,रहन-सहन,उठन-बैठन, बोल चाल सही रहना चाहिये. शनि ब्रह्मचारी हैं.