बंशीधर नगर :
-श्री श्री ठाकुर अनुकूलचन्द्र जी के अनुयायियों द्वारा जंगीपुर ग्राम स्थित सत्संग उपासना केंद्र उर्जितपा के प्रांगण में सत्संग सह भंडारा का आयोजन किया गया.
सत्संग का शुभारंभ बन्देपुरुषोतम ध्वनि,शंख ध्वनि के साथ दीप प्रज्वलित कर किया गया.इसके बाद सामूहिक रूप से प्रातः कालीन विनती प्रार्थना,सत्यानु शरण पाठ,नारी नीति पाठ किया गया.इष्टचर्चा करते हुये ऋत्विक विजय नंदन सिन्हा ने कहा कि भक्त का मन ईश्वर को प्राप्त करने के लिये बेहाल रहता है.भक्त के लिये ईश्वर ही सबकुछ होते है.भक्त केवल अपने गुरु को ही प्राप्त करना चाहते हैं.ऋत्विक धृतिसुन्दर लाल ने कहा कि मनुष्य को अपना कर्तव्य अवश्य करना चाहिये.उन्होंने कहा कि यह पूर्ण सत्य है कि कर्ता ही पाने की जननी होती है.श्री श्री ठाकुर जी का दीक्षा ग्रहण कर उनके द्वारा दिये गये निर्देशो का पालन करना चाहिये.सत्संगी माला दास ने कहा कि श्री श्री ठाकुर जी का दीक्षा लेकर यजन,याजन,इष्टभृति करने से विशेष अनुभूति प्राप्त होता है.उस अनुभूति से मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होता है.यह सभी सत्संगी वृन्द के लिये आवश्यक है.अनिता सिन्हा ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रत्येक मनुष्य को थान कुनी का पता खाली पेट खाकर पानी पीना चाहिये.इससे शरीर का विष उत्सर्जी अंगों द्वारा बाहर निकल जाता है तथा शरीर मे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है.इसके साथ साथ सदाचार का पालन करना चाहिये.उन्होंने कहा कि सदाचार आध्यात्मिक, मानसिक व शारीरिक तीन प्रकार के होते हैं.तीनो सदाचार का पालन करने से मन व शरीर स्वस्थ रहता है.ऋत्विक शंकर सुमन दा ने कहा कि श्री श्री ठाकुर जी के द्वारा प्रदत्त सत्संग व सतनाम का पालन अवश्य करना चाहिये. सत्संग में अनुयायियों द्वारा भक्ति मूलक भजन भी प्रस्तुत किया गया.सत्संग के बाद भंडारा का आयोजन किया गया.भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महा प्रसाद ग्रहण किया.सत्संग में प्रसाद व भंडारा की व्यवस्था चेचरिया निवासी सतवंती देवी द्वारा किया गया था.सत्संग में ब्रजेश तिवारी,शक्तिदास सिन्हा,अखिलेश प्रसाद,राजकुमार,भोला प्रसाद,श्रीराम जायसवाल,संजय दा,अजय दा,माला देवी,निर्मला जायसवाल,तारा देवी,आशा देवी,पूजा कुमारी,राहुल कुमार,चंचला गुप्ता,वृन्दा देवी,रेखा देवी सहित बड़ी संख्या में सत्संगी उपस्थित थे.